Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

कांशीराम जयंती पर मायावती की अपील, बहुजन समाज बसपा आंदोलन से जुड़े

नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष Mayawati ने पार्टी के संस्थापक Kanshi Ram की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बहुजन समाज से बसपा के आंदोलन से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज को ईमानदार और मिशनरी अम्बेडकरवादी बनकर सामाजिक परिवर्तन के लक्ष्य को आगे बढ़ाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांशीराम ने अपने जीवनभर बहुजन समाज के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष किया। उनका उद्देश्य था कि समाज के वंचित और पिछड़े वर्ग राजनीतिक रूप से जागरूक होकर अपनी ताकत को पहचानें और उसे संगठित रूप से इस्तेमाल करें।

मायावती के अनुसार, बहुजन समाज के पास अपने वोट की शक्ति है और इसी के बल पर वह सत्ता की “मास्टर चाबी” हासिल कर सकता है। सत्ता में भागीदारी के माध्यम से ही संविधान में दिए गए अधिकारों को सही मायनों में लागू कराया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि कांशीराम का पूरा जीवन इसी मिशन को समर्पित रहा। उनका संदेश था कि सामाजिक न्याय और समानता तभी संभव है जब बहुजन समाज राजनीतिक रूप से मजबूत और संगठित बने।

बसपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि पार्टी का आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान है। इसका उद्देश्य समाज में समानता, सम्मान और अधिकारों की स्थापना करना है।

उन्होंने बहुजन समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे कांशीराम के विचारों और उनके संघर्ष को याद रखते हुए बसपा के मिशन से जुड़ें और समाज में जागरूकता तथा संगठन की भावना को मजबूत करें।