स्टेट डेस्क, प्रीति पायल |
9 फरवरी 2026 को जारी एक बयान में बिहार भाजपा के प्रवक्ता प्रभाकर कुमार मिश्र ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर राजद को बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
प्रभाकर मिश्र ने आरोप लगाया कि राजद के शासनकाल, विशेषकर लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के दौर में बिहार में “जंगलराज” का माहौल था। उनके मुताबिक उस समय अपराध, अपहरण, भ्रष्टाचार और बाहुबलियों का दबदबा चरम पर था, जिससे कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के शासन में ऐसी स्थिति रही हो, वह आज कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने की स्थिति में नहीं है।
वर्तमान हालात पर बात करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि बिहार में अब सुशासन की सरकार है, जो नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की प्राथमिकताओं में बेटियों की सुरक्षा सबसे ऊपर है।
यह बयान बिहार की राजनीति में लंबे समय से चली आ रही “जंगलराज बनाम सुशासन” की बहस को एक बार फिर सामने लाता है। भाजपा और एनडीए लगातार 1990 से 2005 तक के राजद शासन को जंगलराज का दौर बताते रहे हैं, जब राज्य में अपराध दर ऊंची थी, अपहरण एक उद्योग का रूप ले चुका था और विकास ठप पड़ा था। उस समय को पटना हाईकोर्ट द्वारा भी “जंगलराज” कहा गया था।
वहीं राजद अक्सर मौजूदा सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधता रहा है, लेकिन प्रभाकर मिश्र के इस बयान में भाजपा ने राजद की पुरानी छवि को सामने रखकर पलटवार किया है। यह प्रतिक्रिया किसी हालिया बयान या घटना के जवाब में मानी जा रही है, हालांकि खबर में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
यह बयान UNI (वार्ता) के माध्यम से पटना से जारी किया गया है। 2025 विधानसभा चुनाव के बाद भी बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और “जंगलराज” बनाम “सुशासन” की बहस अब भी कायम है।







