Ad Image
Ad Image
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हेट स्पीच मामले की आज सुनवाई की || लोकसभा से निलंबित सांसदों पर आसन पर कागज फेंकने का आरोप || लोकसभा से कांग्रेस के 7 और माकपा का 1 सांसद निलंबित || पटना: NEET की छात्रा के रेप और हत्या को लेकर सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी || स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, केशव मौर्य को होना चाहिए यूपी का CM || मतदाता दिवस विशेष: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'मतदान राष्ट्रसेवा' || नितिन नबीन बनें भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मण ने की घोषणा || दिल्ली को मिली फिर साफ हवा, AQI 220 पर पहुंचा || PM मोदी ने भारतरत्न अटल जी और मालवीय जी की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया || युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती आज

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिकों और किसानों के बीच सामंजस्य पर सरकार का जोर: शिवराज सिंह चौहान

मोतिहारी, एन. के. सिंह |

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मोतिहारी के पिपराकोठी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केविके) में आयोजित विकसित कृषि संकल्प अभियान कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार वैज्ञानिकों और किसानों के बीच सामंजस्य स्थापित कर कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि किसान सशक्त होंगे तभी देश सशक्त होगा।
मुख्य बिंदु:
किसानों का सेवक: शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह किसानों के सेवक हैं और उनकी सेवा उनका प्रथम कर्तव्य है।
घर-घर जाकर समस्या समाधान: उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत वह किसानों के घरों और खेतों में जाकर उनकी समस्याओं को सुनेंगे और उनका निष्पादन करेंगे।
 वैज्ञानिक और किसान का मिलन: केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पहले वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में शोध करते थे और किसान खेतों में मेहनत करते थे, लेकिन दोनों का मिलन नहीं होता था। अब सरकार ने वैज्ञानिकों को किसानों तक पहुंचाकर उन्हें तकनीक की जानकारी देने का काम किया है, जिससे उत्पादन को दोगुना-तीन गुना किया जा सके।
  राधामोहन सिंह की सराहना: उन्होंने मोतिहारी के सांसद राधामोहन सिंह द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र को विकसित करने के प्रयासों की सराहना की।
 पिपराकोठी का नया स्वरूप: पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने बताया कि अंग्रेजी शासन काल में पिपराकोठी किसानों के शोषण का केंद्र था, लेकिन अब यह कृषि का तीर्थ स्थल बनकर देश दुनिया में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
शिलान्यास की गई प्रमुख योजनाएं:
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिनमें शामिल हैं:
बालिका छात्रावास: रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित।
  पीडीयूसीएचएफ: भव्य शिलान्यास।
 जैव सुरक्षा बाड़ और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणाली।
 खेत तक पहुंचने का मार्ग।
 आईवीएफ और सौर ऊर्जा प्रणाली: चारदीवारी के चारों ओर मिट्टी भरने सहित।
कार्यान्वयन शेड, मार्ग, यार्ड, दाता शेड और आरजीएम की आईवीएफ लैब के लिए विद्युत प्रणाली।
विकसित कृषि संकल्प अभियान:
यह एक राष्ट्रव्यापी अभियान है, जिसका उद्देश्य भारतीय कृषि का आधुनिकीकरण करना है। यह अभियान वैज्ञानिक प्रसार, स्थायी कृषि पद्धतियों और किसान सशक्तीकरण के माध्यम से कृषि क्षेत्र में उन्नति लाने पर केंद्रित है।
कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति:
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री जलशक्ति मंत्रालय राजभूषण निषाद, बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विभाग के मंत्री कृष्णनंदन पासवान, मोतिहारी विधायक प्रमोद कुमार, पिपरा विधायक श्यामबाबू यादव, ढाका विधायक पवन जायसवाल, गोविंदगंज विधायक सुनील मणि तिवारी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कुलपति डॉ. पीएस पांडेय, बिहार सरकार के कृषि विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल, उपमहापौर डॉ. लालबाबू प्रसाद, अटारी के निदेशक डॉ. अंजनी कुमार, कृषि वैज्ञानिक और कृषि के विभिन्न संस्थानों के पदाधिकारी, अनुमंडलाधिकारी मोतिहारी सदर श्वेता भारती, एएसपी शिवम धाकड़, जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार, एडीएच विकास कुमार सहित आठ हजार से अधिक प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।