लोकल डेस्क, अभिलाष गुप्ता।
बीरगंज: कैंसर रोग से संघर्ष के दौरान प्राप्त अनुभवों और जीवन के उतार-चढ़ावों को समेटे संस्मरणात्मक पुस्तक “क्यान्सरसँगका मेरा अनुभूति : A Cancer Survivor Memoir” का लोकार्पण समारोह गुरुवार को बीरगंज स्थित बीरगंज पब्लिक कलेज के सभागार में सम्पन्न हुआ।
शंकर श्रेष्ठ द्वारा लिखित उक्त पुस्तक के लोकार्पण समारोह में कलेज के संस्थापक अध्यक्ष तथा मधेश विश्वविद्यालय के उपकुलपति डा. दीपक शाक्य, डा. अरविंद श्रेष्ठ, हरि रत्न तुलाधर, बिनय श्रेष्ठ सहित विभिन्न व्यक्तित्वों की विशेष उपस्थिति रही। बीरगंज पब्लिक कलेज के पूर्व को-अर्डिनेटर रहे लेखक शंकर श्रेष्ठ के प्रमुख आतिथ्य में सम्पन्न कार्यक्रम में उन्होंने कैंसर से अपने संघर्ष, उपचार के दौरान झेली गई पीड़ा, मानसिक अवस्था तथा जीवन के प्रति पुनः जागी आशा के बारे में भावुक शैली में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कैंसर केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि जीवन को गहराई से समझने का महत्वपूर्ण मोड़ भी साबित हुआ।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपकुलपति डा. दीपक शाक्य ने कहा कि यह पुस्तक केवल व्यक्तिगत संस्मरण नहीं बल्कि समाज के लिए प्रेरणादायी दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी आत्मबल, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ा जा सकता है, यही संदेश यह पुस्तक देती है। साथ ही उन्होंने पुस्तक बिक्री से प्राप्त राशि कैंसर पीड़ितों की सहायता में खर्च करने के निर्णय की सराहना करते हुए इसे मानवीय और उदाहरणीय कार्य बताया।
कार्यक्रम के संचालक कलेज के सहायक प्रमुख एवं प्राध्यापक डा. अरविंद श्रेष्ठ ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक कैंसर पीड़ितों के लिए आत्मबल और प्रेरणा का स्रोत बनेगी। वहीं लेखक की पत्नी कबिता श्रेष्ठ ने स्वागत मन्तव्य रखते हुए कठिन समय में परिवार के सहयोग और सकारात्मक सोच के महत्व पर प्रकाश डाला। समारोह में कैंसर पीड़ित मंजरी श्रेष्ठ, कविता मथेमा तथा आशा दीदी सहित अन्य लोगों की भी उपस्थिति रही। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक कैंसर के प्रति जनचेतना फैलाने के साथ-साथ रोग से जूझ रहे लोगों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होगी।इसी अवसर पर शिक्षक बासु कर्ण, बीपीएस कलेज के निदेशक दीपक पटेल, संदीप कुशवाहा , मानव सेवा आश्रम बीरगंज के संस्थापक सदस्य एवं बीरगंज पब्लिक कलेज के ब्राण्ड एम्बेसडर देवेश गुप्ता सहित विभिन्न कॉलेजों के शिक्षक, बुद्धिजीवी एवं समाजसेवियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में बीरगंज पब्लिक कॉलेज द्वारा लेखक शंकर श्रेष्ठ को सम्मान-पत्र एवं अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया। समारोह में पुस्तक का मूल्य 400 रुपैयाँ निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई। साथ ही लेखक ने बताया कि पुस्तक बिक्री से प्राप्त राशि कैंसर पीड़ितों की सहायता के लिए खर्च की जाएगी।लेखक शंकर श्रेष्ठ लंबे समय से स्थानीय संचार माध्यम प्रतीक दैनिक में स्तम्भकार के रूप में सक्रिय रहे हैं। पुस्तक में उन्होंने कैंसर उपचार की कठिन यात्रा, परिवार के सहयोग, आत्मविश्वास तथा जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया।







