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क्या सरकार विधानसभा से ऊपर हो गई?

स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार।

रझारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने 5 दिसंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र से पहले, मानसून सत्र के दौरान विभागों द्वारा मांगी गई सूचनाओं का जवाब नहीं देने को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं और विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की है।

मरांडी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि विधानसभा के मानसून सत्र में शून्यकाल के तहत सदन को कुल 440 सूचनाएँ प्राप्त हुई थीं, लेकिन आश्चर्य की बात है कि इनमें से 321 सूचनाओं पर संबंधित विभागों ने कोई उत्तर देना जरूरी नहीं समझा। इसके अलावा, सदन में कुल 390 आश्वासन प्रस्तुत किए गए, लेकिन उनमें से एक का भी जवाब नहीं दिया गया।

मरांडी के अनुसार, लगभग 90% प्रश्नों और सूचनाओं को विभागों ने पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है।