स्टेट डेस्क - प्रीति पायल
पटना स्थित खान ग्लोबल संस्थान में हुई तोड़फोड़ और हिंसा की घटना के बाद बिहार सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि यह घटना केवल एक कोचिंग संस्थान पर हमला नहीं है, बल्कि राज्य सरकार की छवि खराब करने और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की साजिश प्रतीत होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले की गहन जांच कराई जा रही है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में बिहार में कोचिंग संस्थानों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन उनके संचालन के लिए कोई स्पष्ट और प्रभावी नियमावली नहीं है। इसी कारण कई बार प्रतिस्पर्धा विवाद और तनाव का रूप ले लेती है। सरकार अब ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राज्यव्यापी कोचिंग नीति तैयार करेगी, जिसके अंतर्गत सभी कोचिंग संस्थानों को निर्धारित नियमों और मानकों का पालन करना होगा।
मंत्री के अनुसार नई नीति के तहत कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा। छात्रों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाएं, सीसीटीवी निगरानी, शिकायत निवारण व्यवस्था और भ्रामक विज्ञापनों पर नियंत्रण जैसे प्रावधान शामिल किए जाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर जुर्माना लगाने से लेकर उन्हें सील करने तक की कार्रवाई की जा सकेगी।
सरकार का कहना है कि नई नियमावली तैयार करने से पहले कोचिंग संचालकों, शिक्षा विशेषज्ञों, अभिभावकों और छात्रों से सुझाव लिए जाएंगे, ताकि एक संतुलित और व्यावहारिक नीति बनाई जा सके। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, लेकिन हिंसा, दबाव और अव्यवस्था को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस बीच पुलिस ने घटना के संबंध में कई लोगों को हिरासत में लिया है और सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि छात्रों की पढ़ाई और शैक्षणिक माहौल प्रभावित न हो।







