विदेश डेस्क, श्रेयांश पराशर l
लॉस एंजिल्स। तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा को 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट ऑडियोबुक, नैरेशन एंड स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग’ श्रेणी में सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन्हें उनके ऑडियोबुक प्रोजेक्ट ‘मेडिटेशंस: ए रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा’ के लिए मिला। रविवार देर रात संपन्न समारोह में उनके नाम की घोषणा होते ही हॉल तालियों से गूंज उठा।
इस श्रेणी में कुल चार अन्य चर्चित हस्तियां भी दौड़ में थीं, जिनमें मशहूर कॉमेडियन और लेखक ट्रेवर नोआ (इंड द अनकट ग्रास), केतनजी ब्राउन जैक्सन (लवली वन) और कैथी गावर (एल्विस रॉकी एंड मी) जैसे नाम शामिल थे। कड़े मुकाबले के बीच दलाई लामा की प्रस्तुति को निर्णायकों ने सबसे प्रभावशाली माना।
पुरस्कार की घोषणा के बाद अपनी प्रतिक्रिया में दलाई लामा ने अपनी सादगी और विनम्रता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि वे इस सम्मान को कृतज्ञता और विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं। उनके अनुसार यह किसी व्यक्तिगत उपलब्धि का प्रतीक नहीं, बल्कि साझा वैश्विक जिम्मेदारी की पहचान है। उन्होंने शांति, करुणा, पर्यावरण संरक्षण और मानव एकता को आज की दुनिया के लिए अनिवार्य बताते हुए कहा कि इन मूल्यों को समझना मानवता के हित में जरूरी है।
यह ऑडियोबुक केवल एक पुस्तक का पाठ नहीं, बल्कि आत्म-चिंतन और आंतरिक शांति की यात्रा के रूप में तैयार की गई है। इसमें दलाई लामा के गहरे आध्यात्मिक विचार, प्रवचन और जीवन-दर्शन का संकलन है। विशेष रूप से ‘निर्देशित ध्यान’ और करुणा के संदेश को आवाज दी गई है, ताकि श्रोताओं को व्यस्त जीवन के बीच मानसिक शांति मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव और तेज रफ्तार जीवनशैली के दौर में ऐसे आध्यात्मिक और चिंतनशील कंटेंट की मांग बढ़ रही है। दलाई लामा की इस उपलब्धि को न केवल धार्मिक या आध्यात्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और मानवीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







