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चिराग पासवान बोले: “डिप्टी सीएम बनने का कोई इरादा नहीं”

स्टेट डेस्क – वेरॉनिका राय

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका बिहार के उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) पद पर बैठने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का उद्देश्य पद या सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि जनता की सेवा और बिहार का विकास है। चिराग ने अपने इस बयान से उन तमाम राजनीतिक अटकलों पर विराम लगा दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि वे विधानसभा चुनाव से पहले किसी गठबंधन में शामिल होकर बड़ा पद हासिल करना चाहते हैं।

“मेरा लक्ष्य सिर्फ बिहार की सेवा, न कि सत्ता की दौड़”

चिराग पासवान ने एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, “मेरा ध्यान किसी पद या कुर्सी पर नहीं है। मेरा मकसद बिहार के युवाओं का भविष्य मजबूत बनाना और राज्य को विकास की दिशा में आगे ले जाना है।” उन्होंने आगे कहा कि राजनीति में कई दल सत्ता के लालच में एक-दूसरे से समझौते करते हैं, लेकिन लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) किसी भी हाल में पद या प्रलोभन के लिए समझौता नहीं करेगी।

विकास और रोजगार पर रहेगा फोकस

चिराग ने कहा कि उनकी पार्टी का फोकस बिहार के विकास, युवाओं को रोजगार देने और समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त करने पर है। उनका मानना है कि राजनीति केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह जनता के जीवन में बदलाव लाने का जरिया होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को एक स्थिर, जिम्मेदार और जवाबदेह नेतृत्व की जरूरत है, और यही लक्ष्य लेकर उनकी पार्टी आगे बढ़ रही है।

“एलजेपी किसी लालच में नहीं फंसेगी”

चिराग पासवान ने साफ शब्दों में कहा कि एलजेपी किसी पद के लालच या गठबंधन के दबाव में नहीं आने वाली।
“हमारी पार्टी की राजनीति सिद्धांतों पर आधारित है। हमें किसी पद या मंत्रालय की नहीं, बल्कि जनता के आशीर्वाद की जरूरत है,”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि बिहार में कई बार राजनीतिक दल पदों और गठबंधनों के लालच में अपने मूल सिद्धांतों से समझौता कर लेते हैं, लेकिन एलजेपी ऐसा नहीं करेगी।

चुनावी रणनीति से ज्यादा जनता का भरोसा

चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी की रणनीति सिर्फ चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है। एलजेपी का मकसद है कि जनता का भरोसा जीता जाए और बिहार के हर नागरिक तक विकास की किरण पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जनता के भरोसे और विकास के एजेंडे पर ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में पार्टी गठबंधन को लेकर विवेकपूर्ण और पारदर्शी निर्णय  लेगी, लेकिन किसी भी समझौते में जनता के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।

 जनता और कार्यकर्ताओं से अपील

इंटरव्यू के दौरान चिराग पासवान ने बिहार की जनता और अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
“सही प्रतिनिधि का चुनाव ही असली राजनीति है। हमें सत्ता की राजनीति से ऊपर उठकर जनता की सेवा करनी है,”
चिराग ने कहा कि आज की राजनीति में ईमानदारी और जनता के प्रति जवाबदेही सबसे बड़ी जरूरत है। एलजेपी का लक्ष्य बिहार को ऐसा राज्य बनाना है, जहां हर युवा को अवसर, हर परिवार को सुरक्षा और हर नागरिक को सम्मान मिले।

राजनीतिक विश्लेषकों की राय

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि चिराग पासवान का यह बयान 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की स्पष्ट रणनीति को दर्शाता है। एलजेपी खुद को एक स्वतंत्र और सिद्धांतनिष्ठ दल के रूप में पेश करना चाहती है, जो किसी गठबंधन या सत्ता के दबाव में नहीं आएगी। विश्लेषकों के अनुसार, चिराग का यह रुख यह भी दिखाता है कि वे अपने पिता रामविलास पासवान की विरासत को आगे बढ़ाते हुए जनता की सेवा की राजनीति करना चाहते हैं।

चिराग पासवान ने यह साफ कर दिया है कि उनका ध्यान किसी पद या सत्ता पर नहीं है। उनका उद्देश्य बिहार को एक विकसित, आत्मनिर्भर और युवा-शक्ति आधारित राज्य बनाना है।
एलजेपी का मिशन अब स्पष्ट है — “सत्ता नहीं, सेवा हमारी पहचान है।”