लोकल डेस्क, एन के सिंह।
मोतिहारी पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाई मासूम अंशिका की हत्या की गुत्थी, प्रेम प्रसंग में बनी 'कातिल दीदी'
गहरी साजिश का पर्दाफाश, मोबाइल ऑडियो और तकनीकी साक्ष्यों ने खोला राज, कातिल शिल्पी कुमारी गिरफ्तार
पूर्वी चम्पारण: जिले के चिरैया थाना क्षेत्र के हीरापट्टी गाँव में हुई 4 साल की मासूम अंशिका कुमारी की नृशंस हत्या के मामले में मोतिहारी पुलिस ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएं। जिसे गाँव के लोग 'दीदी' समझते थे, वही शिल्पी कुमारी मासूम की कातिल निकली। प्यार में मिली रुसवाई और बदले की आग ने 20 वर्षीय युवती को इतना हैवान बना दिया कि उसने महज 4 साल की बच्ची का गला रेत कर उसे मौत के घाट उतार दिया।जो आपको चौंका देंगी टेक्निकल एविडेंस: इंटरनेट डेटा शेयरिंग (Hotspot) और वायरल ऑडियो क्लिप बना कातिल तक पहुँचने का जरिया। हत्या का तरीका: घर के पीछे ले जाकर चाकू से रेता गला, लाश को बाल्टी में भरकर छज्जे पर छुपाया।
बदले की आग: प्रेमी के परिजनों से विवाद और मोबाइल चोरी की शिकायत का बदला मासूम से लिया।
पुलिस का इनाम: एसपी स्वर्ण प्रभात ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की।
पूरी कहानी: साज़िश से खुलासे तक
लापता हुई थी मासूम
बीती 20 मार्च को हीरापट्टी निवासी दीपक यादव की 4 वर्षीय पुत्री अंशिका अचानक घर के सामने से गायब हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया, लेकिन दो दिन बाद 22 मार्च को गाँव के ही एक खेत में अंशिका का गला कटा हुआ शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
ऑडियो क्लिप ने उलझाई और सुलझाई गुत्थी
हत्या के बाद एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई, जिसमें मृतिका की आवाज थी। पुलिस ने जब तकनीकी जांच शुरू की, तो पता चला कि यह ऑडियो जिस मोबाइल (9523072754) से वायरल किया गया, उसे चलाने के लिए दूसरे मोबाइल (9142280249) से इंटरनेट डेटा लिया गया था। यहीं से पुलिस की जांच का रुख अमर राय के घर की ओर मुड़ गया।
प्रेम प्रसंग और प्रतिशोध की खौफनाक दास्तान
गिरफ्तार अभियुक्त शिल्पी कुमारी ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए जो बताया वह चौंकाने वाला था। शिल्पी का गाँव के ही नीतीश कुमार से 2024 से प्रेम प्रसंग था। इस बात को लेकर नीतीश के दादाजी के साथ उसका विवाद और मारपीट हुई थी। शिल्पी ने बदला लेने के लिए पहले नीतीश के दादाजी को जलाने की कोशिश की और गाँव में कई जगह आगजनी भी की।
शिल्पी को शक था कि अंशिका की माँ रागनी कुमारी, नीतीश को उसके खिलाफ भड़काती है और उसकी शिकायत करती है। इसी नफरत की आग में उसने मासूम अंशिका को निशाना बनाया।
ऐसे दिया घटना को अंजाम
20 मार्च की शाम शिल्पी ने अंशिका को बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाया। पहले उससे अपनी माँ के खिलाफ कुछ बातें बुलवाकर रिकॉर्ड कीं, फिर घर के पीछे ले जाकर बेरहमी से चाकू से उसका गला रेत दिया। खून से लथपथ लाश को उसने एक बाल्टी में डालकर घर के छज्जे पर छुपा दिया। अगले दिन जब पुलिस की हलचल बढ़ी, तो उसने सुबह अंधेरे में लाश को ले जाकर खेत में फेंक दिया ताकि पकड़ी न जाए।
पुलिस की बड़ी कामयाबी
एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देशन में गठित टीम, जिसमें सिकरहना डीएसपी उदय शंकर, चिरैया थानाध्यक्ष महेश कुमार और तकनीकी शाखा के अधिकारी शामिल थे, ने वैज्ञानिक पद्धति से इस 'ब्लाइंड मर्डर' का खुलासा किया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल दो चाकू, खून से सने कपड़े और मोबाइल बरामद कर लिए हैं।
"यह एक बेहद पेचीदा मामला था, जिसे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सुलझाया गया है। इस सफल उद्भेदन में शामिल पूरी टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।"
स्वर्ण प्रभात, पुलिस अधीक्षक, पूर्वी चम्पारण।






