Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

चौकीदार से चेयरपर्सन बने पी विश्वनाथन, रचा इतिहास

स्टेट डेस्क, श्रेयांश पराशर l

कालपेट्टा (वायनाड), केरल। केरल के वायनाड जिले की कालपेट्टा नगरपालिका ने हाल ही में एक ऐतिहासिक क्षण देखा, जब पानिया जनजाति से आने वाले पी. विश्वनाथन ने नगरपालिका अध्यक्ष पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद उन्होंने अपने माता-पिता का आशीर्वाद लेने का फैसला किया। उनकी सरकारी गाड़ी जब एक जनजातीय कॉलोनी में स्थित टिन और तिरपाल की छत वाले छोटे से घर के सामने रुकी, तो यह दृश्य सामाजिक बदलाव और संघर्ष की एक जीवंत तस्वीर बन गया।

पी. विश्वनाथन पानिया जनजाति के पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जो नगरपालिका अध्यक्ष बने हैं। पेशे से वे एक चौकीदार हैं और इसके साथ ही लोक गायक तथा जिले में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सक्रिय कार्यकर्ता भी हैं। साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर शीर्ष नगरपालिका पद तक पहुंचना उनके जीवन संघर्ष और जनसमर्थन को दर्शाता है। पानिया समुदाय केरल की सबसे बड़ी अनुसूचित जनजातियों में से एक माना जाता है, जो मुख्य रूप से वायनाड, कोझीकोड, कन्नूर और मलप्पुरम जिलों में निवास करता है। सामाजिक और आर्थिक रूप से यह समुदाय लंबे समय से हाशिये पर रहा है। 40 वर्षीय विश्वनाथन ने हाल में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में वार्ड संख्या 28 के एदागुनी सामान्य सीट से 424 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।

जब कालपेट्टा नगरपालिका अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हुआ, तो माकपा ने इस अहम जिम्मेदारी के लिए विश्वनाथन को चुना। अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे कई क्षेत्रों में मुख्यधारा से पीछे है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनके कार्यकाल में आदिवासी और वंचित वर्गों के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
पी. विश्वनाथन की यह उपलब्धि केरल की राजनीति में सामाजिक समावेशन और जमीनी लोकतंत्र की एक मजबूत मिसाल बनकर सामने आई है।