नेशनल डेस्क , रानी कुमारी
देश में आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सेल्फ-एन्यूमरेशन (Self-Enumeration) फॉर्म भरकर इस प्रक्रिया में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और सही व सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं।
गृह मंत्री ने अपने आधिकारिक आवास पर डिजिटल माध्यम से यह फॉर्म भरा। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश के भविष्य की नीतियों और योजनाओं की आधारशिला है। उन्होंने इसे “राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया” बताते हुए हर नागरिक की जिम्मेदारी बताया।
जनगणना 2027 को देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना के रूप में आयोजित किया जा रहा है। इस बार नागरिकों को स्वयं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी जानकारी भरने का विकल्प दिया गया है। इससे पारंपरिक घर-घर जाकर डेटा एकत्र करने की प्रक्रिया के साथ-साथ डिजिटल माध्यम से भी जानकारी जुटाई जा सकेगी।
जनगणना 2027 को दो प्रमुख चरणों में संपन्न किया जाएगा:
हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस (2026):
इस चरण में मकानों, उनकी स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं (पानी, बिजली, शौचालय आदि) की जानकारी एकत्र की जाएगी।
जनसंख्या गणना (2027):
दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जानकारी जैसे आयु, लिंग, शिक्षा, रोजगार आदि का डेटा एकत्र किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से न केवल डेटा संग्रहण में सटीकता बढ़ेगी, बल्कि आम नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।







