Ad Image
Ad Image
मेरठ: भीषण आग में एक ही परिवार के 5 बच्चों समेत छह की मौत || भोपाल: खड़गे और राहुल गांधी किसान महापंचायत को करेंगे संबोधित || लुधियाना से मोतिहारी आ रही डबल डेकर बस पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर पलटी || रांची से दिल्ली जा रहा एयर एम्बुलेंस चतरा में दुर्घटनाग्रस्त, 7 की मौत || मैक्सिको के इंटरनेशनल ड्रग कार्टेल लीडर एल मंचों की मौत, हिंसा जारी || प. बंगाल के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का निधन, किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे रॉय || JNU में देर रात बवाल, दो छात्र गुटों के बीच चले लाठी डंडे || चुनाव आयोग ने SIR को लेकर 22 राज्यों को भेजा पत्र || PM मोदी ने कहा: AI मानवता की भलाई के लिए, इसे बड़े अवसर में बदलना जरूरी || किरन रिजिजू ने कहा, भारत में अल्पसंख्यक पूरी तरह सुरक्षित

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

जमुई में ‘माटी का बल दंगल’ : उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

बिहार की खेल प्रतिभाओं को मिला बड़ा मंच पारंपरिक कुश्ती से युवा पीढ़ी को नई प्रेरणा

पटना: श्रीकृष्ण स्टेडियम, जमुई में आयोजित हो रहे ‘माटी का बल दंगल’ बिहार की पारंपरिक खेल संस्कृति को नई ऊर्जा दे रही हैं। सम्राट चौधरी की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और बिहार कुश्ती संघ के संयुक्त तत्वावधान में हो रहे दो दिवसीय दंगल में राज्यभर से 200 से अधिक पहलवानों ने दमखम दिखाया। हजारों दर्शकों की मौजूदगी ने प्रतियोगिता को उत्सव का रूप दे दिया।

अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार तेजी से खेल प्रतिभाओं का उभरता हब बन रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह दंगल राज्य की समृद्ध कुश्ती परंपरा, ग्रामीण खेल संस्कृति और युवाओं के जोश का प्रतीक है। उनके अनुसार, ऐसे आयोजन न केवल पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अनुशासन और फिटनेस की ओर प्रेरित करते हैं।

इस अवसर पर खेल मंत्री श्रेयसी सिंह सहित कई खेल हस्तियां मौजूद रहीं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल अवसंरचना और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि बिहार के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकें। 14 फ़रवरी से शुरू हो 15 फरवरी तक चलने वाला यह आयोजन बिहार की मिट्टी की ताकत और खेल भावना का जीवंत उत्सव बनकर उभरा, जिसने खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों में नया उत्साह भर रहा हैं।