लोकल डेस्क, एन के सिंह।
500 वर्ष पुराने हनुमान मंदिर में मना वार्षिकोत्सव। सतबर पाठ और सामूहिक हनुमत आराधना,सामाजिक समरसता: क्षेत्र के हजारों लोगों की सामूहिक भागीदारी।
पूर्वी चंपारण: भक्ति, शक्ति और अटूट विश्वास का एक अनुपम संगम आज पताही प्रखंड के जिहुली पंचायत से सटे नारायणपुर में देखने को मिला। अवसर था ऐतिहासिक तपसी बाबा नारायणपुर पोखर के तट पर स्थित श्री श्री 1008 मनोकामना संकट मोचन हनुमान मंदिर के स्थापना दिवस का। इस भव्य वार्षिकोत्सव में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि आज भी आस्था की जड़ें कितनी गहरी हैं।
जयघोष से गूंजा गगन, हनुमत आराधना में लीन हुए भक्त
समारोह की शुरुआत सुबह ब्रह्म मुहूर्त में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। विद्वान पंडितों के सानिध्य में 'हनुमान जी का सतबर पाठ' और विशेष 'हनुमत आराधना' का आयोजन किया गया। जैसे ही शंखध्वनि के बीच आरती शुरू हुई, पूरा मंदिर परिसर 'जय श्री राम' और 'वीर हनुमान' के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। भक्तों ने पवनपुत्र के चरणों में मत्था टेककर क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
500 वर्षों की ऐतिहासिक विरासत का साक्षी है मंदिर
ग्रामीणों और जानकारों के अनुसार, यह मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि 500 वर्षों की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को अपने आप में संजोए हुए है। तपसी बाबा नारायणपुर पोखर के समीप स्थित इस संकट मोचन मंदिर की महिमा दूर-दराज तक फैली है। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि यहाँ आने वाला कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता; बजरंगबली सबकी झोली खुशियों से भर देते हैं।
अटूट आस्था: उमड़ा जनसैलाब
वार्षिकोत्सव के मौके पर जिहुली पंचायत समेत पूरे पताही प्रखंड से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुँचे। महिलाओं, वृद्धों और युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था। मंदिर समिति और स्थानीय युवाओं की टोली पूरे समय व्यवस्था संभालने और श्रद्धालुओं की सेवा करने में जुटी रही।
यह आयोजन हमारी एकता और धार्मिक सद्भाव का प्रतीक है। हर साल भक्तों की बढ़ती संख्या इस स्थान के प्रति लोगों के अटूट विश्वास को दर्शाती है: स्थानीय ग्रामीण
महाप्रसाद और विशाल भंडारा
धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्णाहुति के पश्चात एक विशाल महाप्रसाद (भंडारा) का आयोजन किया गया। इसमें हजारों लोगों ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। भक्तिमय भजनों और उत्सव के माहौल ने नारायणपुर को पूरी तरह 'राममय' बना दिया।
वही आयोजन समिति में मुंद्रिका सिंह, चंद्रिका सिंह, नीरज कुमार, धीरज कुमार, विकास कुमार, रजनीश कुमार, जिहुली पंचायत के सरपंच रितेश कुमार,पूर्व मुखिया अजेय कुमार सिंह, पत्रकार श्रीनिवास कुमार, डॉ गजेंद्र कुमार,मुरारी सिंह,टुल्लू बाबू,निखिल कुमार,रामविनय सिंह,अनमोल कुमार मुख्य रूप से सक्रिय रहे।







