नेशनल डेस्क, रानी कुमारी
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर गुरुवार को फ्रांस के दौरे पर रवाना होंगे, जहां वे जी-7 देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें वैश्विक आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, डॉ. जयशंकर को फ्रांस के यूरोप एवं विदेश मामलों के मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने इस बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
G7 दुनिया की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं—अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा और जापान—का समूह है। इस मंच पर वैश्विक अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा संकट, और भू-राजनीतिक तनाव जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाती है।
भारत, भले ही जी-7 का सदस्य नहीं है, लेकिन एक महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदार के रूप में उसे इस तरह की बैठकों में आमंत्रित किया जाता रहा है। भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और उसकी आर्थिक एवं कूटनीतिक ताकत को देखते हुए यह भागीदारी विशेष महत्व रखती है।
डॉ. जयशंकर इस बैठक में भारत के दृष्टिकोण को मजबूती से प्रस्तुत करेंगे। उम्मीद की जा रही है कि वे वैश्विक दक्षिण के मुद्दों—जैसे विकासशील देशों की आर्थिक चुनौतियां, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, तथा जलवायु न्याय—को प्रमुखता से उठाएंगे।
इस दौरे के दौरान डॉ. जयशंकर अन्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये द्विपक्षीय वार्ताएं भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।







