लोकल डेस्क, ऋषि राज।
रक्सौल: वर्तमान को हम तभी साध सकते हैं, जब हम अपने अतीत से कुछ सीखते हैं। सबसे बड़ी त्रासदी तब होती है,जब लोग वास्तविकता से अपनी आंखें बंद कर लेते हैं और भ्रम की दुनिया में जीने लगते हैं।उक्त विचार लायंस इंटरनेशनल ( 322 ई ) के जोनल चेयरपर्सन सह डिस्ट्रिक्ट चेयरपर्सन सह सामाजिक कार्यकर्ता एवं भारत विकास परिषद् रक्सौल के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल सर्राफ ने प्रेस से साझा किया।
चुनौतियाँ ही जिंदगी को रोमांचक बनाती हैं और इसी से आपके जिंदगी का महत्त्व निर्माण होता है। बुराई का कद कितना भी ऊंचा हो,सत्य से छोटा ही होता है।अक्सर हम जैसा चाहते हैं, वैसा नहीं रह पाते क्योंकि जिंदगी में कई शौक जिम्मेदारियों के आगे गिरवी रखने पड़ते हैं।सम्बंध हमेशा उस आत्मा से ही जुड़ता है,जिनका हमसे पिछले जन्म में कोई रिश्ता होता है,वरना दुनिया की इस भीड़ में कौन किसको जानता है। "हम ईश्वर में और ईश्वर की प्रार्थना में विश्वास करते हैं,यह अच्छा है किन्तु यदि हमारे कर्म ही ऐसे हों कि ईश्वर हमारी प्रार्थना पर भी विश्वास करे,तो सम्भवतः यह अधिक श्रेष्ठ है। जीवन हमारा-निर्णय,हमारा ढोंग की जिंदगी जीना एक कला है,ढंग की जिंदगी जीने में ही भला है। जिसके भीतर समझदारी और सहनशीलता होती है,वह हर रिश्ते को सहेज लेता है। स्नेह,प्रेम और समाधान की शक्ति ही जीवन को सुंदर बनाती है।जीवन की हर मुश्किल ट्रेफिक की लाल बत्ती की तरह होती है,यदि हम थोड़ा इंतज़ार कर लें तो वह फिर से हरी हो जाती है। धैर्य रखें,थोड़ा इंतज़ार करें,आने वाला कल निश्चित ही अच्छा होगा।पूरा जीवन एक अनुभव ही है,आप जितने अधिक प्रयोग करते हैं,उतने ही बेहतर बनते हैं।चरित्र की उत्कृष्टता का मर्म भी यही है कि श्रेष्ठ चिंतन को आचरण में उतारा जाए।अच्छा चरित्र मानवीय व्यक्तित्व की सर्वोत्तम औषधि है।वक्त बुरा हो तो सब्र करें,वक्तअच्छा हो तो शुक्र करें। एक मिनट लगता है रिश्तों का मजाक उड़ाने में,लेकिन हम भूल जाते हैं कि जिंदगी रिश्तों से ही सजती और संवरती है,हे ईश्वर हमें अपने रिश्तों की कद्र करने की शक्ति प्रदान करें और हमारी वजह से किसी का भी दिल ना दुखे।चिंतन और चरित्र तो भीतर की घटना है,लेकिन व्यवहार से ही उसका व्यक्तित्व वास्तविक अभिव्यक्ति प्राप्त करता है। अतः व्यवहार की उत्कृष्टता भी विकसित व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण आयाम है।जीवन यात्रा एक रंगमंच है,हर किरदार को अच्छे से निभाते रहें।







