स्टेट डेस्क, श्रेयांश पराशर l
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सोमवार को वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन औपचारिक रूप से शुरू हो गया। इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू मौजूद रहे और उन्होंने पहली उड़ानों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
लखनऊ से आई इंडिगो की पहली विशेष उड़ान 6E2278 का हवाई अड्डे पर पारंपरिक वाटर कैनन सलामी देकर स्वागत किया गया। वहीं लखनऊ के लिए रवाना हुई विशेष उड़ान 6E5212 को भी मंत्री नायडू तथा अन्य गणमान्य अतिथियों ने झंडी दिखाकर विदा किया। इसके बाद बेंगलुरु के लिए भी एक विशेष उड़ान रवाना हुई।
कार्यक्रम से पहले केंद्रीय मंत्री ने उन किसानों से भी मुलाकात की जो विशेष उड़ान से लखनऊ गए थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में विमानन क्षेत्र के विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप देश के विभिन्न क्षेत्रों में हवाई सेवाओं का तेजी से विकास हो रहा है।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अब दिल्ली-एनसीआर का दूसरा बड़ा हवाई अड्डा बन गया है। इंडिगो ने पहले दिन यहां से आठ उड़ानों का संचालन निर्धारित किया, जिनमें चार आगमन और चार प्रस्थान उड़ानें शामिल हैं। मंगलवार से अकासा एयर भी यहां से अपनी सेवाएं शुरू करने जा रही है। इंडिगो इस हवाई अड्डे को देश के 16 से अधिक शहरों से सीधे जोड़ेगी।
इस हवाई अड्डे का निर्माण ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) ने किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को इसका उद्घाटन किया था।
फिलहाल हवाई अड्डे के विकास का पहला चरण पूरा हुआ है। इस चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल भवन के साथ परिचालन शुरू किया गया है, जिसकी वार्षिक क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की है। हवाई अड्डे का विकास कुल चार चरणों में किया जाना प्रस्तावित है।







