नेशनल डेस्क, श्वेता प्रिया।
डोंबिवली की घटना के बाद IMA का विरोध
महाराष्ट्र में डॉक्टरों पर हुए हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने 20 जुलाई को राज्यभर में नियमित ओपीडी सेवाएं बंद रखने का ऐलान किया था। यह फैसला डोंबिवली के शास्त्रीनगर नगर निगम अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ कथित मारपीट की घटना के विरोध में लिया गया था। डॉक्टरों ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद हड़ताल स्थगित
रविवार को बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा मामले में हस्तक्षेप किए जाने के बाद IMA महाराष्ट्र ने 20 जुलाई की प्रस्तावित सांकेतिक हड़ताल फिलहाल स्थगित कर दी। संगठन ने कहा कि यदि डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में राज्यव्यापी आंदोलन किया जा सकता है।
डॉक्टरों की सुरक्षा पर उठी चिंता
IMA का कहना है कि अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर बढ़ते हमले गंभीर चिंता का विषय हैं। संगठन ने राज्य सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, अस्पतालों में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून लागू करने की मांग की।
आपातकालीन सेवाएं रहेंगी जारी
IMA ने स्पष्ट किया कि हड़ताल के दौरान भी आपातकालीन सेवाएं, आईसीयू, प्रसूति सेवाएं और अन्य जीवनरक्षक चिकित्सा सेवाएं सामान्य रूप से जारी रखने की योजना थी। संगठन का कहना है कि उनका उद्देश्य मरीजों को असुविधा पहुंचाना नहीं, बल्कि डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।







