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तेरहवीं पर मां का निधन, हेलीकॉप्टर हादसे ने जयपुर के परिवार को तोड़ा

स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार |

बेटे की तेरहवीं पर मां का निधन: उत्तराखंड हेलीकॉप्टर हादसे में पायलट की मौत के बाद टूट गया जयपुर का एक परिवार

राजस्थान के जयपुर में एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। पहले उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर क्रैश में एक जवान बेटे की मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। फिर, बेटे की मृत्यु के 13वें दिन, यानी उसकी तेरहवीं के दिन ही मां ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।

दरअसल, जयपुर निवासी पायलट राजवीर सिंह चौहान की जान उत्तराखंड में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में चली गई थी। हादसे के बाद से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जैसे-तैसे खुद को संभालते हुए परिजन बेटे की तेरहवीं की रस्में निभा रहे थे, तभी मां विजय लक्ष्मी चौहान के सीने में अचानक तेज दर्द उठा।

दिल का दौरा पड़ा, मौके पर मौत;
परिजनों और आसपास के लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि विजय लक्ष्मी को दिल का दौरा पड़ा था, जो जानलेवा साबित हुआ।

बेटे की मौत का सदमा नहीं सह पाईं मां;
परिवार के सदस्यों का कहना है कि विजय लक्ष्मी अपने जवान बेटे की मौत का गहरा सदमा झेल रही थीं। अंतिम संस्कार की रस्में भी पूरी नहीं हुई थीं कि मां का भी निधन हो गया। बाद में पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

गौरीकुंड में हुआ था हेलीकॉप्टर हादसा;
ये हादसा 15 जून 2025 को उत्तराखंड के केदारनाथ के पास गौरीकुंड क्षेत्र में हुआ था, जिसमें पायलट राजवीर सिंह समेत 7 लोगों की जान चली गई थी। राजवीर सिंह जयपुर के शास्त्री नगर के निवासी थे।

वे सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे और करीब 14 वर्षों तक सेना की सेवा की थी। रिटायरमेंट के बाद वे पेशेवर पायलट बन गए थे।

चार महीने पहले हुए थे जुड़वां बच्चे;
राजवीर की पत्नी दीपिका चौहान भी सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। दोनों ने साल 2011 में शादी की थी। हाल ही में, लगभग चार महीने पहले, उनके घर जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ था। राजवीर के पास 2000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव था।