लोकल डेस्क, राजीव कु. भारती ।
किसानों के हित पर जोर।
सीवान। जिला सहकारिता कार्यालय में दरौंदा व्यापार मंडल की नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
यह बैठक जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार की देखरेख में संपन्न हुई, जिसमें व्यापार मंडल के अध्यक्ष, प्रबंधक तथा कई सदस्य उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यापार मंडल के सुचारू संचालन, प्रशासनिक कार्यों के प्रभावी निष्पादन तथा किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए नई प्रबंधकारिणी का गठन करना था।
बैठक के दौरान उपस्थित सभी सदस्यों ने आपसी सहमति और सर्वसम्मति से नई प्रबंधकारिणी के गठन का निर्णय लिया। इसके तहत समिति के संचालन एवं आवश्यक प्रशासनिक कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए अध्यक्ष मनिभूषण सिंह और प्रबंधक रामनारायण साह को अधिकृत किया गया। इस निर्णय का सभी सदस्यों ने समर्थन किया और इसे संगठन की मजबूती की दिशा में एक अहम कदम बताया।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने व्यापार मंडल को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि सहकारी गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा, ताकि किसानों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ किया जा सके।
जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि व्यापार मंडल किसानों की आर्थिक उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी सदस्यों को निर्देश दिया कि समिति का संचालन पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचते हुए संगठन को मजबूत बनाना सभी की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर अध्यक्ष मनिभूषण सिंह ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी सदस्यों के सहयोग से व्यापार मंडल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में प्रबंधकारिणी सदस्य के रूप में आजाद हुसैन, चंद्रभूषण श्रीवास्तव, शब्बू खातुन, उत्तम ठाकुर, विजय कुमार, जगलाल राय, बाल कुमार राम, प्रमोद कुमार गिरि सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। इसके अलावा प्रबंधक रामनारायण साह भी बैठक में सक्रिय रूप से शामिल रहे।
कुल मिलाकर यह बैठक व्यापार मंडल के भविष्य की दिशा तय करने के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई। इससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि समिति अब अधिक संगठित, पारदर्शी और किसान-केंद्रित तरीके से कार्य करेगी, जिससे क्षेत्र के किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा।







