नेशनल डेस्क, मुस्कान सिंह ।
नई दिल्ली : दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह एक रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस परिसर में लगी भीषण आग में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। मृतकों में कई विदेशी नागरिकों के भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत-बचाव कार्य कई घंटों तक जारी रहा।
जानकारी के अनुसार, आग सुबह अचानक भड़क उठी और देखते ही देखते इमारत के कई हिस्सों में फैल गई। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया। दमकल कर्मियों, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में हादसा हुआ, वहां संचालित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट एवं गेस्ट हाउस को केवल 6 कमरों की अनुमति मिली थी, जबकि परिसर में लगभग 25 कमरे बनाए गए थे। इस खुलासे के बाद भवन निर्माण नियमों और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय विधायक सतीश उपाध्याय ने घटनास्थल का दौरा कर बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि फिलहाल लोगों की जान बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही, अवैध निर्माण या बिना अनुमति संचालन की बात सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम और अन्य विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
इस दर्दनाक हादसे ने राजधानी में व्यावसायिक भवनों और होटल-रेस्टोरेंट में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने कहा है कि शहर के अन्य प्रतिष्ठानों में भी सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।







