नेशनल डेस्क, श्रेयांश पराशर l
नई दिल्ली l राजधानी दिल्ली में धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद संसद भवन और कई स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कथित खालिस्तानी समर्थकों की ओर से भेजे गए ईमेल में संसद परिसर को निशाना बनाने और स्कूलों में बम धमाके की चेतावनी दी गई थी। अलर्ट मिलते ही दिल्ली पुलिस, स्पेशल सेल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को दिल्ली के कई स्कूलों को भी ऐसे ईमेल मिले जिनमें विस्फोट की चेतावनी के साथ उग्र नारे लिखे थे। ईमेल में “हिंदुस्तान बनेगा खालिस्तान” जैसा नारा भी शामिल होने की बात कही गई है। खबरों में यह भी उल्लेख है कि ये ईमेल “जैकरी जेनकिंस” नाम के व्यक्ति के नाम से भेजे गए थे। हालांकि, जांच एजेंसियां यह स्पष्ट कर चुकी हैं कि ईमेल में इस्तेमाल नाम असली है या नहीं, इसकी पुष्टि साइबर जांच के बाद ही हो सकेगी।
सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियातन कई स्कूलों की जांच कराई, लेकिन अब तक किसी संदिग्ध वस्तु की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस साइबर ट्रेल के जरिए ईमेल के स्रोत और भेजने वाले की वास्तविक पहचान का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
विशेषज्ञ मानते हैं कि हाल के वर्षों में धमकी भरे ईमेल और फर्जी अलर्ट के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे मामलों में हर अलर्ट को गंभीरता से लेना जरूरी होता है, क्योंकि जरा सी लापरवाही बड़ा खतरा बन सकती है। साथ ही, बार-बार मिलने वाले फर्जी अलर्ट से सुरक्षा तंत्र पर दबाव बढ़ता है। यह घटना बताती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के दौर में साइबर सुरक्षा और त्वरित जांच तंत्र कितने महत्वपूर्ण हो गए हैं।







