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नशे के सौदागरों पर DM सख्त, नियमित छापेमारी के निर्देश

लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।

पुलिस और सुरक्षा बलों ने पिछले 6 महीनों में 1755 किलोग्राम गांजा, 28 किलोग्राम चरस और भारी मात्रा में स्मैक व नशीला कफ सिरप जप्त कर तस्करों को किया गिरफ्तार।

पूर्वी चंपारण: मादक पदार्थों के अवैध व्यापार और युवाओं में बढ़ती नशे की लत को जड़ से मिटाने के लिए पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। समाहरणालय स्थित डॉ. राधाकृष्णन सभागार में आयोजित 'एन कोर्ड' (NCORD) की जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में मादक पदार्थों के सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए नियमित रूप से छापेमारी की जाए और पकड़े गए अपराधियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो।

सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष नजर और बड़ी बरामदगी

जिलाधिकारी ने रक्सौल, आदापुर, घोड़ासहन और ढाका जैसे नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और अभियान तेज करने को कहा है। बैठक के दौरान डीएसपी हेडक्वार्टर ने पिछले 6 महीनों की उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि पुलिस ने विभिन्न स्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर 100 से अधिक मामले दर्ज किए हैं। इस दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जप्त किए गए हैं, जिनमें 1755 किलोग्राम गांजा, 28.1 किलोग्राम चरस और 81.2 ग्राम स्मैक शामिल है। सबसे अधिक बरामदगी रक्सौल, घोड़ासहन और ढाका क्षेत्रों से हुई है।

एसएसबी और पुलिस का 'ज्वाइंट ऑपरेशन'

नशे के खिलाफ लड़ाई में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। 47वीं बटालियन (रक्सौल), कमांडेंट ने बताया कि पुलिस के साथ मिलकर किए गए 27 संयुक्त ऑपरेशनों में गांजा, चरस और भारी मात्रा में नशीला कफ सिरप जप्त किया गया है। इस दौरान राजस्थान के चार तस्करों को दो गाड़ियों के साथ गिरफ्तार किया गया। यह तथ्य सामने आया है कि मादक पदार्थ नेपाल के रास्ते भारत आ रहे हैं, जबकि कई अन्य ड्रग्स भारत से नेपाल भेजे जा रहे हैं। 71वीं बटालियन (पिपरा कोठी), कमांडेंट के अनुसार, स्थानीय पुलिस के सहयोग से की गई 13 छापेमारी में 36 किलोग्राम गांजा, चरस और ब्राउन शुगर बरामद की गई है। इतना ही नहीं, संदिग्ध ड्रग्स दुकानों को भी सील किया गया है। 20वीं बटालियन (सीतामढ़ी), पुलिस और एसएसबी के साझा अभियान में 80 किलोग्राम गांजा और 2700 कफ सिरप की बोतलें जप्त की गई हैं।

यूरिया तस्करी पर रोक और खाद दुकानों की निगरानी

बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी ने रक्सौल के रास्ते नेपाल में यूरिया ले जाने की शिकायतों का मुद्दा उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सीमा सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस मिलकर तस्करी के खिलाफ अभियान चलाएं। साथ ही, बॉर्डर एरिया के सभी खाद दुकानदारों की सूची रक्सौल अनुमंडल पदाधिकारी को उपलब्ध कराने और उनके स्टॉक का नियमित रूप से फिजिकल वेरिफिकेशन करने का आदेश दिया गया।

युवाओं को बचाने के लिए सामाजिक सतर्कता

युवा वर्ग में बढ़ते नशे के चलन पर जिलाधिकारी ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशे का बुरा प्रभाव केवल स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज पर भी पड़ रहा है। डीएम ने पुलिस को निर्देश दिया कि रेलवे लाइन के किनारे, झाड़ियों, पार्कों और अन्य सुनसान जगहों को चिन्हित कर नियमित गश्त बढ़ाई जाए। उन्होंने स्थानीय लोगों से फीडबैक लेने और उनकी सूचना पर तत्काल छापेमारी करने की बात कही।

नशा मुक्ति केंद्रों की जांच और जागरूकता अभियान

जिलाधिकारी ने नशा मुक्ति केंद्रों के नियमित निरीक्षण का भी आदेश दिया, ताकि वहां रह रहे लोगों की स्थिति और प्रतिनियुक्त कर्मियों की कार्यशैली पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही, जिले के शैक्षणिक संस्थानों में मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के विरुद्ध व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है, ताकि भावी पीढ़ी को इस दलदल से बचाया जा सके।

इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिंहा, सहायक पुलिस अधीक्षक हेमंत सिंह, कस्टम विभाग के उपायुक्त, सिविल सर्जन, औषधि नियंत्रक, वन प्रमंडल पदाधिकारी और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रतिनिधि सहित कई विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।