Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

नालंदा: शीतलाष्टमी मंदिर में भगदड़, आठ श्रद्धालुओं की मौत

स्टेटडेस्क,श्रेयांश पराशर l

राजगीर। नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र स्थित शीतलाष्टमी मंदिर में मंगलवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पूजा-अर्चना के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ हो गई। इस दर्दनाक हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना मधड़ा गांव स्थित मंदिर परिसर में हुई, जहां सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा करने के लिए पहुंचे थे। भीड़ अधिक होने के कारण अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसने कुछ ही देर में भगदड़ का रूप ले लिया। हादसे में जान गंवाने वालों में सभी महिलाएं शामिल हैं, जिससे इलाके में शोक का माहौल है।

प्रशासन ने बताया कि मृतकों में से पांच की पहचान देवती देवी, रेखा देवी, मालो देवी, चिता देवी और कांती देवी के रूप में की गई है, जबकि अन्य तीन की पहचान अभी नहीं हो सकी है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही है। स्थानीय लोगों ने भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।