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नीट छात्रा हत्याकांड: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल के सख्त नियम

स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी।

पटना। नीट छात्रा की संदिग्ध हत्या के बाद बिहार सरकार ने राज्य भर के सभी गर्ल्स हॉस्टलों में सुरक्षा को लेकर कड़े नियम लागू कर दिए हैं। डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने छात्राओं की जान-माल की रक्षा के लिए तत्काल निर्देश जारी किए, जिसमें 24 घंटे महिला वार्डन की तैनाती और सीसीटीवी निगरानी को अनिवार्य बनाया गया है।

यह फैसला पटना में हुई नीट छात्रा की मौत के करीब एक महीने बाद आया है, जहां छात्रा को उसके हॉस्टल रूम में बेहोशी की हालत में पाया गया था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इसे पहले सुसाइड माना था, लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट में यौन हिंसा के संकेत मिलने के बाद मामला हत्या का दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की है, ताकि पारदर्शी जांच हो सके। सम्राट चौधरी ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हॉस्टल संचालकों पर सख्ती

बिहार पुलिस ने सभी एसएसपी और एसपी को भेजे गए दिशानिर्देशों में स्पष्ट किया है कि हर गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का पंजीकरण अनिवार्य होगा। थानों में सभी हॉस्टलों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी महिला हेल्प डेस्क को सौंपी गई है। अगर कोई हॉस्टल बिना पंजीकरण के चलता पाया गया, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी।

सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि समाज के विकास के लिए लड़कियों का शिक्षित होना जरूरी है, लेकिन उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं। उन्होंने बताया कि सरकार महिलाओं को स्कूल, कॉलेज और आवासीय स्थलों पर सुरक्षित माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कड़ी में पुलिस, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड मिलकर हॉस्टलों की नियमित जांच करेंगे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर फौरन एक्शन लिया जाएगा।

सुरक्षा के प्रमुख उपाय

नए नियमों में हॉस्टलों को हाई-टेक बनाने पर फोकस है। मुख्य गेट, गलियारों, डाइनिंग एरिया और परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाना जरूरी होगा, और इनकी रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी। हॉस्टल में पर्याप्त रोशनी, मजबूत दरवाजे, ताले और खिड़कियों में लोहे की जाली अनिवार्य की गई है।

इसके अलावा, हर हॉस्टल में 24 घंटे महिला वार्डन की मौजूदगी होगी। वार्डन, गार्ड, रसोइया और सफाईकर्मी समेत सभी स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन कराना पड़ेगा। विजिटर रजिस्टर में आने वाले हर व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर और आधार डिटेल्स दर्ज होंगे। कमरों वाले हिस्से में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। रात में छात्राओं और स्टाफ की उपस्थिति चेक करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगाया जाएगा।

आपात मदद की व्यवस्था

हॉस्टलों में आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय थाना, महिला हेल्प डेस्क, अभया ब्रिगेड और 112 इमरजेंसी नंबर की जानकारी वाले पोस्टर लगाने होंगे। छात्राओं को 112 इंडिया ऐप के सुरक्षा फीचर्स के बारे में भी बताया जाएगा, ताकि वे जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मांग सकें।

नीट छात्रा के परिवार ने पहले पुलिस जांच पर सवाल उठाए थे और सीबीआई जांच की मांग की थी। पटना एसएसपी ने दावा किया कि परिवार शुरुआत में केस दर्ज नहीं कराना चाहता था, लेकिन अब जांच सीबीआई को सौंपी जा रही है। इस घटना ने राज्य भर में महिला सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है, और नए नियमों से उम्मीद है कि ऐसी घटनाओं पर लगाम लगेगी।