नेशनम डेस्क, एन के सिंह।
जेनजी आंदोलन में 19 लोगों की मौत मामले की जांच
काठमांडू। नेपाल जेनजी आंदोलन के दौरान 19 लोगों की मौत के मामले में जांच के लिए पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और तत्कालीन गृहमंत्री रमेश लेखक को शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने ओली को भक्तपुर के गुंडु स्थित उनके निवास से हिरासत में लिया। काठमांडू उपत्यका अपराध अनुसंधान कार्यालय के एसएसपी संतोष खड़का के नेतृत्व में पुलिस टीम सुबह ही उनके निवास पहुंची थी। उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम रात से ही तैनात थी।
इसी तरह, पूर्व गृहमंत्री और कांग्रेस नेता रमेश लेखक को भी भक्तपुर के कटुन्जे स्थित उनके निवास से सुबह 5:40 बजे गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, उन्हें आपातकालीन गिरफ्तारी वारंट के आधार पर हिरासत में लिया गया।
भाद्र 23 को हुए जेनजी आंदोलन के दौरान काठमांडू के नया बानेश्वर क्षेत्र में पुलिस गोलीबारी में किशोरों सहित 19 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद तत्कालीन गृहमंत्री लेखक ने उसी दिन अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
इस घटना की जांच के लिए गठित गौरीबहादुर कार्की के नेतृत्व वाली जांच आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री ओली, लेखक और सुरक्षा निकाय के उच्च अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाकर जांच करने की सिफारिश की थी। आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद नए प्रधानमंत्री बालेन शाह की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की पहली बैठक ने इस सिफारिश को लागू करने का निर्णय लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतकों और घायलों के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर मुलुकी अपराध संहिता 2074 की धारा 182 के तहत ‘लापरवाही से हत्या’ के आरोप में जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इस अपराध में 3 साल तक की कैद और 30 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
नेपाल के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी पूर्व कार्यकारी प्रमुख को हत्या से जुड़े आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया गया है।







