विदेश डेस्क, रानी कुमारी |
Antonio Guterres (संयुक्त राष्ट्र महासचिव) ने चेतावनी दी है कि West Asia में बढ़ता संकट अब केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर धकेल सकता है।
United Nations मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गुटेरेस ने कहा कि जैसे-जैसे संघर्ष गहराता जा रहा है, इसका असर वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और सामाजिक स्थिरता पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
उन्होंने विशेष रूप से Strait of Hormuz का उल्लेख करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में बढ़ती बाधाएं अंतरराष्ट्रीय नौवहन और तेल आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। हर गुजरते घंटे के साथ स्थिति और अधिक जटिल और खतरनाक होती जा रही है।
गुटेरेस के अनुसार, यह संकट अब अपने तीसरे महीने में प्रवेश कर चुका है। हालांकि युद्धविराम की कोशिशें जारी हैं, लेकिन वे अभी कमजोर नजर आ रही हैं और जमीनी स्तर पर तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसके दुष्परिणाम वैश्विक स्तर पर देखने को मिलेंगे। व्यापारिक मार्गों में रुकावट, ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता जैसी समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे जल्द से जल्द कूटनीतिक प्रयास तेज करें, ताकि इस बढ़ते संकट को नियंत्रित किया जा सके और वैश्विक शांति व आर्थिक संतुलन बनाए रखा जा सके।







