स्टेट डेस्क, श्वेता प्रिया
पटना: NEET पेपर लीक मामले को लेकर बुधवार को राजधानी पटना में छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। गांधी मैदान से राजभवन मार्च के लिए निकले हजारों छात्रों को सबसे पहले जेपी गोलंबर पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़ते हुए डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए। इसके बाद वे मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे, जहां पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया। कई छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। कुछ छात्र सड़क पर लेट गए, जिन्हें पुलिस घसीटकर हटाती नजर आई। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों से ले जाया गया।
लाठीचार्ज के बाद भी प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे और एक बार फिर डाकबंगला चौराहे पर जुट गए। यहां छात्रों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया। पथराव में कई पुलिसकर्मियों के सिर फट गए और दर्जनों जवान घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाए।
प्रदर्शन के दौरान डाकबंगला चौराहे से गुजर रहे भाजपा नेताओं के काफिले पर भी प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। एक विधायक को जान बचाकर वहां से निकलना पड़ा। वहीं पटना के आईजी की एस्कॉर्ट गाड़ी पर भी हमला किया गया। डीएम और एसपी के सामने प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। पूरे इलाके में कई घंटे तक तनाव का माहौल बना रहा।
इससे पहले जेपी गोलंबर पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके बावजूद छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए। डाकबंगला चौराहे पर करीब एक घंटे तक प्रदर्शन जारी रहा। पुलिस की कई चेतावनियों के बाद भी भीड़ नहीं हटने पर CISF और CRPF के जवानों को बुलाया गया। इसके बाद छात्रों ने राजभवन की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने बल प्रयोग किया।
प्रदर्शन के दौरान कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है और पूरे इलाके में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। डाकबंगला, जेपी गोलंबर, राजभवन मार्ग और मुख्यमंत्री आवास के आसपास यातायात प्रभावित रहा।







