स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार
पटना। नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत से जुड़े पटना हॉस्टल कांड में नया मोड़ आया है। इस मामले में जेल में बंद शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को अदालत से जमानत मिल गई है।
मनीष रंजन पर छात्रा की मौत के मामले में साक्ष्य मिटाने का आरोप है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान उनके वकीलों ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 187(2) का हवाला देते हुए डिफॉल्ट जमानत की मांग की थी। उनका तर्क था कि आरोपी 90 दिनों से जेल में है और अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है, इसलिए उसे जमानत मिलनी चाहिए।
हालांकि, विशेष लोक अभियोजक सुरेश चंद्र प्रसाद और पीड़िता के वकील एस.के. पांडेय ने इस दलील का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी को जेल में 90 दिन नहीं, बल्कि 89 दिन ही हुए हैं। अदालत ने इस आधार पर पहले डिफॉल्ट बेल की मांग को खारिज कर दिया था।
गौरतलब है कि यह मामला 9 जनवरी का है, जब पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में छात्रा अपने हॉस्टल के कमरे में संदिग्ध हालत में बेहोश मिली थी। छात्रा के पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए उसके शरीर पर चोट के निशान होने और हॉस्टल मालिक पर गंभीर आरोप लगाए थे। इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई थी।
यह घटना सामने आने के बाद छात्रावासों में रह रही छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए थे।
मामले में ताजा घटनाक्रम के बाद अब जांच एजेंसी पर जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने का दबाव बढ़ गया है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया और ट्रायल शुरू हो सके।







