स्टेट डेस्क, मुस्कान सिंह।
नागपुर, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि भारत में पानी की कोई कमी नहीं है, बल्कि सबसे बड़ी समस्या सही योजना और जल प्रबंधन की कमी है। उन्होंने कहा कि किसानों की बढ़ती आत्महत्याओं के पीछे खराब योजनाएं और जल संसाधनों का सही इस्तेमाल नहीं होना भी एक बड़ा कारण है।
नागपुर में कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि देश में पर्याप्त जल संसाधन मौजूद हैं, लेकिन उनका सही तरीके से उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में पानी उपलब्ध होने के बावजूद किसान सिंचाई सुविधाओं की कमी और अव्यवस्थित जल प्रबंधन के कारण परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों की आत्महत्या केवल आर्थिक संकट से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि इसके पीछे जल संरक्षण की कमी, खेती की बढ़ती लागत और योजनाओं का सही तरीके से लागू नहीं होना भी जिम्मेदार है। गडकरी ने जोर देकर कहा कि यदि गांवों तक बेहतर सिंचाई व्यवस्था पहुंचे और जल प्रबंधन को मजबूत बनाया जाए, तो किसानों की स्थिति में बड़ा सुधार आ सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में नदियां, वर्षा जल और भूजल जैसे पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन कई जगहों पर उनका सही इस्तेमाल नहीं हो पा रहा। उन्होंने आधुनिक तकनीक, जल संरक्षण और छोटे सिंचाई प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। साथ ही कहा कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए सरकार और प्रशासन को जमीन स्तर पर बेहतर योजना बनानी होगी।
गडकरी ने यह भी कहा कि ग्रामीण विकास और कृषि सुधार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। अगर गांवों में पानी, सड़क, बिजली और बाजार जैसी सुविधाएं बेहतर होंगी, तो किसानों की आय बढ़ेगी और उनकी समस्याएं काफी हद तक कम होंगी।
उन्होंने किसानों से आधुनिक खेती और जल बचत तकनीकों को अपनाने की अपील की। साथ ही अधिकारियों से कहा कि योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें सही तरीके से लागू किया जाए।
कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि देश में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों की समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। फिलहाल, गडकरी के इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।







