नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार
नई दिल्ली, पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए नई प्रोत्साहन योजना लागू की है। इसके तहत नए पीएनजी कनेक्शन के आवेदनों को 24 घंटे के भीतर मंजूरी देने का निर्णय लिया गया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सरकार वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी में स्थानांतरित करने के प्रयास कर रही है। इसके लिए राज्य सरकारों को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि पीएनजी पाइपलाइन बिछाने से जुड़ी सभी अनुमतियों को स्वतः स्वीकृत माना जाए और सड़क पुनर्स्थापन व अन्य अनुमति शुल्क माफ किए जाएं।
उन्होंने कहा कि इस दिशा में गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया (गेल) पहले ही सिटी गैस वितरण कंपनियों के साथ बैठक कर चुकी है। आईजीएल, एमजीएल, गेल इंडिया और बीपीसीएल जैसी कंपनियों ने पीएनजी कनेक्शन लेने वालों के लिए विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं भी शुरू की हैं।
सरकार ने निर्देश दिया है कि नए आवेदनों को 24 घंटे के भीतर स्वीकृति दी जाए और पाइपलाइन बिछाने के काम में समय और प्रक्रिया संबंधी ढील दी जाए। साथ ही समन्वय बनाए रखने के लिए एक नोडल प्राधिकरण नियुक्त करने की भी बात कही गई है।
एलपीजी आपूर्ति को लेकर उन्होंने कहा कि स्थिति चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन किसी प्रकार की कमी नहीं है। पेट्रोल और डीजल भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। एलपीजी डिलिवरी प्रमाणन कोड के उपयोग में 76 प्रतिशत तक सुधार हुआ है और वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति, जो पहले बाधित थी, अब आंशिक रूप से बहाल कर दी गई है।
जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने सख्त अभियान चलाया है। पिछले कुछ दिनों में देशभर में करीब 12,000 छापे मारे गए और लगभग 15,000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। उत्तर प्रदेश में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि कई राज्यों में कंट्रोल रूम और जिला स्तरीय निगरानी समितियां बनाई गई हैं। मध्य प्रदेश में 1,200 छापों में 1,800 सिलेंडर जब्त किए गए, जबकि दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और केरल सहित अन्य राज्यों में भी व्यापक कार्रवाई की गई है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, घबराकर बुकिंग न करें और ऑनलाइन माध्यम से ही गैस बुक करें। उन्होंने कहा कि कल करीब 70 लाख बुकिंग दर्ज की गईं, जो घबराहट का संकेत है।
साथ ही उन्होंने लोगों को सलाह दी कि जहां संभव हो, पीएनजी, इंडक्शन या इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करें और एलपीजी की खपत को कम रखने का प्रयास करें।







