Ad Image
Ad Image
ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार || Delhi - NCR में सीएनजी फिर महंगा, तीन दिन में तीसरी बार कीमत वृद्धि || PM मोदी का नीदरलैंड दौरा, द्विपक्षीय रिश्ते की बेहतरी पर बल दिया || लन्दन: ब्रिटिश PM कीर स्टारमर दे सकते है इस्तीफा, स्थानीय चुनावों में पार्टी की हार का असर || युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

पीएम मोदी ने घटाया अपना काफिला

नेशनल डेस्क, मुस्कान सिंह।

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल की अपनी गुजरात और असम यात्राओं के दौरान अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या कम कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जहां संभव हो, वहां उनके काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों यानी EV का इस्तेमाल बढ़ाया जाए। हालांकि, उनकी सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं की गई है और स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल पहले की तरह लागू हैं।

जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री का यह कदम पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। सूत्रों ने बताया कि इसके लिए नई गाड़ियों की खरीदारी नहीं की जाएगी, बल्कि उपलब्ध संसाधनों के भीतर ही बदलाव किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री का काफिला देश की सबसे सुरक्षित और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक माना जाता है। इसमें कई प्रकार की विशेष गाड़ियां शामिल रहती हैं। काफिले में प्रधानमंत्री की बुलेटप्रूफ कार, SPG एस्कॉर्ट वाहन, डिकॉय व्हीकल, इलेक्ट्रॉनिक जैमर लगे वाहन, कम्युनिकेशन वाहन और एम्बुलेंस शामिल होती हैं। सुरक्षा एजेंसियां हर यात्रा के दौरान तय प्रोटोकॉल के अनुसार पूरे रूट और आसपास के इलाकों की निगरानी करती हैं।

SPG सुरक्षा व्यवस्था प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए बनाई गई देश की सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रणाली है। यह 1988 में गठित विशेष सुरक्षा बल के तहत काम करती है। SPG कमांडो अत्याधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस होते हैं तथा उन्हें विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।

प्रधानमंत्री के किसी भी दौरे से पहले SPG की टीम संबंधित स्थान की पूरी सुरक्षा जांच करती है। इस प्रक्रिया को एडवांस सिक्योरिटी लाइजन यानी ASL कहा जाता है। इसके तहत कार्यक्रम स्थल, यात्रा मार्ग, सुरक्षा इंतजाम और संभावित खतरों का आकलन किया जाता है। SPG की अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति प्रधानमंत्री के बेहद करीब नहीं पहुंच सकता।

विशेषज्ञों के अनुसार, प्रधानमंत्री का काफिला केवल सुरक्षा का हिस्सा नहीं होता, बल्कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए भी पूरी तरह तैयार रहता है। इसी वजह से इसमें मेडिकल सहायता, संचार व्यवस्था और बैकअप सुरक्षा वाहन भी शामिल किए जाते हैं।

दरअसल, सिकंदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करने और इलेक्ट्रिक वाहनों, पब्लिक ट्रांसपोर्ट तथा कार पूलिंग को बढ़ावा देने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि आज देशभक्ति केवल सीमा पर लड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में जिम्मेदारी निभाना भी देशभक्ति का हिस्सा है।

प्रधानमंत्री ने लोगों से खाने के तेल की खपत कम करने और किसानों से रासायनिक खाद के बजाय प्राकृतिक खेती अपनाने की भी अपील की थी। माना जा रहा है कि मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल संकट की आशंका को देखते हुए सरकार ईंधन बचत और वैकल्पिक ऊर्जा के इस्तेमाल पर लगातार जोर दे रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा काफिले में कटौती और EV के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का संदेश आम लोगों के बीच पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है।