नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत हुई है। ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) के संस्थापक और दिग्गज नेता एन. रंगासामी ने बुधवार को पांचवीं बार पुडुचेरी के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। इस समारोह के साथ ही पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग/NDA) की सत्ता में लगातार दूसरी बार वापसी हुई है।
लोक भवन (राज निवास) में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में, पुडुचेरी के उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन ने एन. रंगासामी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। रंगासामी के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल के नेता और पूर्व गृह मंत्री ए. नमशिवायम और एनआर कांग्रेस के विधायक मल्लाडी कृष्ण राव ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। यह गठबंधन सरकार के भीतर सत्ता की साझेदारी के पहले चरण को दर्शाता है, जिसमें भाजपा को इस बार भी महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।
हाल ही में संपन्न हुए 30 सदस्यीय विधानसभा चुनावों में एनआर कांग्रेस और भाजपा के गठबंधन ने बहुमत का जादुई आंकड़ा पार किया। एआईएनआरसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 12 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि सहयोगी दल भाजपा को 4 सीटें मिलीं। इसके अतिरिक्त, एआईएडीएमके (AIADMK) और एलजेके (LJK) जैसे सहयोगियों के साथ मिलकर गठबंधन की कुल ताकत 18 सीटों तक पहुँच गई, जो सरकार बनाने के लिए आवश्यक 16 के आंकड़े से अधिक है। विपक्ष में डीएमके (DMK) को 5 और कांग्रेस को मात्र 1 सीट से संतोष करना पड़ा।
76 वर्षीय एन. रंगासामी का मुख्यमंत्री बनना एक रिकॉर्ड है। वे पहली बार 2001 में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री बने थे और 2008 तक इस पद पर रहे। बाद में अपनी पार्टी एआईएनआरसी बनाने के बाद उन्होंने 2011 से 2016 और फिर 2021 से 2026 तक राज्य का नेतृत्व किया। अपनी सादगी के कारण 'जूनियर कामराज' के नाम से मशहूर रंगासामी पर जनता ने एक बार फिर भरोसा जताया है।
समारोह के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया और अन्य वरिष्ठ गठबंधन नेता उपस्थित रहे, जो केंद्र और राज्य के बीच मजबूत समन्वय का संकेत देते हैं। सरकार के पूर्ण मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द ही होने की उम्मीद है।







