स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार।
पूर्णिया में कारोबारी सूरज बिहारी की हत्या के दस दिन बाद उनके पिता जवाहर यादव का भी निधन हो गया। बेटे की मौत से टूट चुके जवाहर यादव ने इंसाफ की आस में संघर्ष किया, लेकिन शुक्रवार सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए मैक्स हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की बात पर परिजनों को संदेह हुआ तो वे उन्हें फातमा हॉस्पिटल भी ले गए, लेकिन वहां भी मृत्यु की पुष्टि कर दी गई। बताया जा रहा है कि जवाहर यादव की मौत हार्ट अटैक से हुई।
गौरतलब है कि दस दिन पहले नेवालाल चौक के बसंत बिहार इलाके में बदमाशों ने कारोबारी सूरज बिहारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद परिवार धार्मिक विधि-विधान से क्रिया-कर्म कर रहा था, इसी दौरान बेटे की मौत का गहरा सदमा पिता सहन नहीं कर सके और दसवें दिन उनका भी निधन हो गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचने लगे। इलाके में सूरज बिहारी की हत्या को लेकर लोगों का गुस्सा अब भी बना हुआ है।
अब तक नहीं पकड़े गए हत्यारे
सूरज बिहारी की हत्या को दस दिन बीत जाने के बावजूद पूर्णिया पुलिस अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। ऐसे में शहर का माहौल लगातार तनावपूर्ण होता जा रहा है। जनाक्रोश बढ़ता दिख रहा है और लोग सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने विधानसभा में सरकार को घेरा और पूर्णिया की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
तेजस्वी यादव ने साधा निशाना
जवाहर यादव की मौत की खबर मिलने के बाद तेजस्वी यादव ने ‘X’ पर पोस्ट कर कहा, “कारोबारी सूरज बिहारी मर्डर के बाद पिता की भी सदमे से मृत्यु! बेटे की हत्या का सदमा नहीं झेल सके पिता जवाहर यादव, 10 दिन बाद हार्ट अटैक से निधन! भाजपा-नीतीश सरकार की लचर कानून-व्यवस्था ने पूरे घर का नाश कर दिया! अपराधियों ने सूरज बिहारी को 3 गोलियां मारी थीं!”
उन्होंने आगे लिखा, “बताया जा रहा है कि बिहार पुलिस के जातिवादी अधिकारियों ने बड़े बाप के “trigger happy” बिगड़े औलादों को बचाने का बीड़ा उठा लिया है। CCTV फुटेज में हत्या के सबूत होने के बावजूद केस को कमजोर किया जा रहा है। बिहार पुलिस दोषियों की धरपकड़ करने के बजाय आदतन अपराधियों से ही डील करने में जुटी है।”
वहीं, सूरज बिहारी के पिता के निधन के बाद यादव महासभा द्वारा बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। अब यह आंदोलन किस दिशा में जाएगा, यह कहना मुश्किल है।







