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पूर्वी चंपारण की 9 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में पहुंची सहायता राशि

लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।

प्रथम किस्त के बाद व्यवसाय को विस्तार देने के लिए आगे चलकर 2,00,000 रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का भी है प्रावधान।

पूर्वी चंपारण: बिहार में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' के तहत आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। 16 फरवरी, 2026 को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की लाखों महिलाओं के खातों में आर्थिक सहायता की प्रथम किस्त भेजी गई। इस योजना के तहत परिवार की एक महिला को अपनी पसंद का स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10,000 रुपये की शुरुआती राशि प्रदान की जा रही है।

बिहार की 25 लाख महिलाओं को मिला सीधा लाभ

राज्य स्तर पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में डीबीटी के माध्यम से बिहार की 25 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में कुल 2500 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि हस्तांतरित की गई। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण बिहार के सभी जिलों में किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लाभार्थी महिलाएं एकत्रित हुईं।

मोतिहारी के राधाकृष्णन भवन में गूंजा जीविका दीदियों का उत्साह

पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय स्थित राधाकृष्णन भवन में इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। इस अवसर पर जिला अधिकारी और विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ लगभग 500 जीविका दीदियाँ मौजूद रहीं। जिले की महिलाओं ने इस योजना को अपने पैरों पर खड़ा होने का एक बड़ा जरिया बताया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्रथम किस्त के रूप में 10,000 रुपये देने के बाद, भविष्य में व्यवसाय को विस्तार देने के लिए 2,00,000 रुपये तक की अतिरिक्त सहायता देने का भी प्रावधान रखा गया है।

पूर्वी चंपारण जिले का रिपोर्ट कार्ड

आंकड़ों की बात करें तो पूर्वी चंपारण जिला इस योजना के क्रियान्वयन में काफी आगे दिख रहा है। जिले में अब तक कुल 9,02,902 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है। इससे पहले 7,29,163 महिलाओं को 729.16 करोड़ रुपये भेजे जा चुके थे। कार्यक्रम में जिले की 1,73,739 महिलाओं के खातों में 173.7 करोड़ रुपये की नई राशि भेजी गई है।

स्वरोजगार की नई किरण

इस आर्थिक सहायता को प्राप्त करने के बाद जिले की जीविका दीदियों और अन्य पात्र महिलाओं के परिवारों में खुशी और संतोष का माहौल है। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि यह छोटी शुरुआत उनके छोटे व्यवसायों, जैसे सिलाई-कढ़ाई, किराना दुकान या हस्तशिल्प को मजबूती प्रदान करेगी। प्रशासन इस योजना के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने की उम्मीद कर रहा है।