नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
पटना : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर देशव्यापी छात्र संवाद अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं। इसी कड़ी में 11 जुलाई को पटना में एक बड़े छात्र सम्मेलन का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें राहुल गांधी छात्रों और युवाओं को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाना और युवाओं की चिंताओं को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाना बताया जा रहा है।
भारतीय युवा कांग्रेस द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार यह सम्मेलन विशेष रूप से छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों और युवा वर्ग से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। सम्मेलन के दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा किए जाने की संभावना है। पार्टी का मानना है कि छात्रों की आवाज को संगठित रूप से सामने लाने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता है।
युवा कांग्रेस का कहना है कि हाल के वर्षों में विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में सामने आए कथित पेपर लीक तथा अन्य अनियमितताओं ने लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य को प्रभावित किया है। ऐसे मामलों को लेकर युवाओं के बीच बढ़ रही चिंता को मंच प्रदान करने और उनकी मांगों को प्रभावी ढंग से उठाने के उद्देश्य से इस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम में नीट समेत विभिन्न भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े विवादों, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता और पारदर्शी चयन प्रक्रिया जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि, भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी तथा शिक्षा और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे।
राहुल गांधी का यह छात्र अभियान केवल एक शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित करने की योजना बनाई गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अभियान की शुरुआत 17 जून को कोटा से होगी। इसके बाद 10 जुलाई को इलाहाबाद, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में छात्र सम्मेलनों का आयोजन प्रस्तावित है, जहां बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं की भागीदारी की उम्मीद जताई जा रही है।
इस आयोजन को लेकर कांग्रेस और युवा कांग्रेस के स्थानीय संगठन तैयारियों में जुट गए हैं। पार्टी नेताओं का दावा है कि सम्मेलन में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और युवा बड़ी संख्या में शामिल होंगे। इसके लिए संगठन स्तर पर व्यापक संपर्क अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को कार्यक्रम से जोड़ा जा सके।
कांग्रेस इस पहल को शिक्षा और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर युवाओं की आवाज को मजबूती देने की कोशिश के रूप में पेश कर रही है। पार्टी का कहना है कि छात्र और युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं तथा उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को नीति निर्माण के केंद्र में लाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य के साथ विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले ये सम्मेलन युवाओं के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाने का माध्यम बनेंगे।







