विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
लीमा।पेरू के एंडीज क्षेत्र में आए 5.5 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। भूकंप के कारण बड़ी संख्या में मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे 300 से ज्यादा लोग बेघर हो गए। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है तथा प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, भूकंप शनिवार रात स्थानीय समयानुसार रात 9:24 बजे आया। इसका केंद्र हुआनकायो प्रांत के सिकाया शहर से करीब दो किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में 10 किलोमीटर की गहराई पर था। कम गहराई पर आए इस भूकंप के तेज झटके आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकल आए।
पेरू के राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा संस्थान ने बताया कि अब तक पांच लोगों की मौत और 20 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। हालांकि, कुछ लोगों के लापता होने की आशंका भी जताई जा रही है। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं, ताकि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके और प्रभावित परिवारों तक हर संभव सहायता पहुंचाई जा सके।
भूकंप के कारण कई इमारतें पूरी तरह ढह गईं, जबकि बड़ी संख्या में मकानों और सार्वजनिक भवनों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। स्थानीय चर्च सहित कई महत्वपूर्ण इमारतों में दरारें आ गईं या वे आंशिक रूप से ध्वस्त हो गईं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर क्षतिग्रस्त इमारतों के आसपास लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है और कई इलाकों को खाली करा दिया गया है।
स्थानीय नागरिक सुरक्षा कार्यालय के प्रमुख लुइस वास्केज ने बताया कि एंडीज क्षेत्र में मिट्टी और कच्ची ईंट जैसी पारंपरिक निर्माण सामग्री का अधिक उपयोग होने के कारण नुकसान काफी ज्यादा हुआ है। उनके अनुसार, ऐसे भवन तेज भूकंपीय झटकों को सहन नहीं कर पाते, जिससे जान-माल का नुकसान बढ़ जाता है। प्रशासन प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी राहत शिविरों की व्यवस्था कर रहा है, जहां भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
पेरू प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रियता के कारण अक्सर भूकंप आते रहते हैं। इससे पहले वर्ष 2007 में पिस्को प्रांत में 7.9 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था, जिसमें करीब 600 लोगों की मौत हो गई थी। ताजा भूकंप के बाद एक बार फिर देश में आपदा प्रबंधन और भूकंपरोधी निर्माण व्यवस्था को लेकर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।







