स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना |
- एक वर्ष के भीतर 40.68 लाख पौधों का रोपण कर बिहार ने रिकॉड किया कायम
- साल 2024-25 में 32 लाख पौधारोपण, इस वर्ष आठ लाख अधिक वही
- बिहार में साल 2025 तक 4:25 करोड़ पौधारोपण वित्तीय वर्ष 2025-26 तक 40 लाख अतिरिक्त रोपण
- प्रदूषण मुक्त बनाने के क्षेत्र में बड़ा कदम, एक पेड़ मां के नाम
पटना। बिहार को हरित प्रदेश बनाने के क्षेत्र में राज्य सरकार ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिसके तहत पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में राज्य में चल रही कृषि वानिकी अन्य प्रजाति योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025–26 में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई है। पर्यावरण वन व जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से चलाई जा रही इस योजना के अंतर्गत एक साल में कुल 40.68 लाख पौधे लगाये गये हैं जो पिछले वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है। वहीं 2025 पर्यावरण दिवस कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वानिकी किसान योजना के तहत किसान अपने रैयती जमीन पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक लाभ ले सकता है।
पौधारोपण से भुगर्भीय जलस्तर में भी सुधार
बता दें कि पौधारोपण से प्रदेश के भुगर्भीय जलस्तर में भी बड़ा सुधार दर्ज किया जा रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024–25 में 32.57 लाख पौधों का रोपण किया गया थाः । जबकि 2023–24 में 19.07 लाख, 2022–23 में 11.05 लाख, 2021–22 में 10.21 लाख तथा 2020–21 में 21.53 लाख पौधे लगाये गये थे। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पौधारोपण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है और हरित अभियान को व्यापक गति मिली है।
12227 बांस के पौधे का किया गया वितरण
वहीं कृषि वानिकी योजना के तहत किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए 12227 बांस के पौधों का वितरण भी किया गया है। इन पौधों को किसानों के माध्यम से रोपित किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ही किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। वन विभाग के माध्यम से यह पहल राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान “जल जीवन हरियाली” के तहत संचालित की जा रही है। पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग के मार्गदर्शन में चल रही इस योजना का उद्देश्य पर्यावरण संतुलन बनाए रखना, हरित क्षेत्र का विस्तार करना तथा किसानों को कृषि वानिकी के लिए प्रोत्साहित करना है।
बिहार का हरित आवरण 15 प्रतिशत 2028 तक 17 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य
बता दें कि बिहार का हरित आवरण 15 प्रतिशत है और वर्ष 2028 तक इसे 17 प्रतिशत तक बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए विभाग ने तेजी से कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत प्रत्येक जिले में अधिक से अधिक पौधारोपण किया जा रहा है। लगातार बढ़ती पौधारोपण की संख्या यह दर्शाती है कि जिससे राज्य को वायु व जल प्रदूषण मुक्त प्रदेश का सपना साकार होगा। साथ ही राज्य में हरित विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और किसानों की भागीदारी भी बढ़ रही है।







