Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

फाइलेरिया मुक्त पूर्वी चंपारण, DM करेंगे 17 दिवसीय महाअभियान का आगाज

लोकल डेस्क, एन के सिंह।

24 फरवरी तक स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी, जबकि अंतिम तीन दिन सार्वजनिक स्थानों पर विशेष बूथ लगाए जाएंगे।

पूर्वी चंपारण: हाथीपाँव जैसी गंभीर बीमारी से जिले को सुरक्षित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। जिले में 10 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक चलने वाले 17 दिवसीय 'फाइलेरिया उन्मूलन' महाअभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत सदर अस्पताल से जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर करेंगे। सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य जिले के सभी स्वस्थ व्यक्तियों को दवा खिलाकर भविष्य में हाथीपाँव के खतरे को पूरी तरह समाप्त करना है।

अभियान की रणनीति को दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण के तहत 10 फरवरी से 24 फरवरी तक स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर लोगों को अपनी निगरानी में दवा खिलाएंगी। वहीं, दूसरे चरण में 25 से 27 फरवरी तक स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय, फैक्ट्री, ईंट भट्ठा, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर विशेष बूथ लगाए जाएंगे। 11 फरवरी को राज्यव्यापी मेगा कैंप का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें जीविका दीदियां अपने परिवार और पड़ोसियों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर दवा का सेवन करेंगी। इस बार जनप्रतिनिधि और रोगी हित धारक मंच के सदस्य भी इस मुहिम में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

दवा की खुराक उम्र के आधार पर निर्धारित की गई है। इसमें दो वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को अल्बेंडाजोल की एक गोली दी जाएगी। इसके साथ ही डीईसी की दवा 2 से 5 वर्ष के लिए एक गोली, 6 से 14 वर्ष के लिए दो गोली और 15 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों के लिए तीन गोली निर्धारित है। जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ. शरत चंद्र शर्मा ने विशेष अपील करते हुए कहा है कि यह दवा खाली पेट बिल्कुल नहीं लेनी है। साथ ही, 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, गंभीर मरीजों और हाल ही में प्रसव कराने वाली महिलाओं को यह दवा नहीं दी जाएगी।

अभियान की सफलता के लिए चिरैया, मधुबन, संग्रामपुर और चकिया सहित विभिन्न प्रखंडों में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य प्रबंधकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या दवा के मामूली दुष्प्रभाव जैसे सिरदर्द या हल्की उल्टी से निपटने के लिए हर स्वास्थ्य केंद्र पर रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) का गठन किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दवा खाने के बाद होने वाले मामूली लक्षण इस बात का प्रमाण हैं कि दवा शरीर में मौजूद फाइलेरिया के कीटाणुओं को नष्ट कर रही है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है। इस महाअभियान में पिरामल, डब्ल्यूएचओ और सिफार जैसी सहयोगी संस्थाएं भी प्रशासन का साथ दे रही हैं।