नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
नई दिल्ली,नीट पेपर लीक विवाद को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री से जवाब मांगा है। उन्होंने सवाल उठाया कि बार-बार परीक्षाओं में गड़बड़ियां सामने आने के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार विफलता के बावजूद जवाबदेही तय नहीं हो रही है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के बावजूद परीक्षा रद्द नहीं हुई थी, जबकि संबंधित मंत्री ने भी इस्तीफा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उस समय मामले की जांच के लिए सीबीआई को जिम्मेदारी सौंपी गई और एक समिति गठित की गई थी। राहुल गांधी का दावा है कि वर्ष 2026 में भी इसी तरह का मामला सामने आया, जिसके बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी और फिर से जांच एजेंसियों को सक्रिय किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार केवल जांच और समितियों के जरिए मामले को आगे बढ़ाया जाता है, लेकिन जिम्मेदारी तय नहीं होती।
कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तीन सीधे सवाल पूछे। उन्होंने जानना चाहा कि आखिर बार-बार पेपर लीक की घटनाएं क्यों हो रही हैं, इन मामलों पर प्रधानमंत्री की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया क्यों नहीं आती और लगातार विवादों के बीच शिक्षा मंत्री को पद से क्यों नहीं हटाया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि देश इन सवालों के जवाब चाहता है और परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने के लिए सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
नीट पेपर लीक मुद्दे पर राहुल गांधी ने एक अन्य बयान में केंद्र सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार पहले लंबे समय तक चुप्पी साधती है, फिर दोषियों को संरक्षण देने के आरोप लगते हैं और बाद में सवाल उठाने वालों पर निशाना साधा जाता है। राहुल गांधी ने दावा किया कि नीट से जुड़े विवादों के बावजूद अब तक किसी मंत्री ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद नहीं छोड़ा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2024 के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
कांग्रेस नेता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ समझौता हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ने संसद और संसदीय प्रक्रियाओं का भी सम्मान नहीं किया तथा विपक्ष से जुड़े सुझावों को गंभीरता से नहीं लिया गया। राहुल गांधी का कहना है कि जब सुधार संबंधी रिपोर्टों पर भरोसा नहीं किया जाता तो परीक्षा प्रणाली में बदलाव के दावों पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने शिक्षा मंत्री को तत्काल पद से हटाने की मांग दोहराई।
इस बीच नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन भी तेज हो गया है। शनिवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्र संगठन एनएसयूआई के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में आरोप लगाया गया कि परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं से छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को हटाने और एनटीए के कामकाज पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। पेपर लीक विवाद को लेकर बढ़ते राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और छात्र विरोध के बीच इस मुद्दे पर सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर नजर बनी हुई है।







