स्टेट डेस्क : वेरॉनिका राय
पटना हाईकोर्ट के फैसले से चार महीने बाद खुला जेल से बाहर आने का रास्ता
बिहार की राजनीति के चर्चित चेहरे और मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह को बड़ी राहत मिली है। पटना हाईकोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में उन्हें नियमित जमानत दे दी है। इस फैसले के साथ ही लगभग चार महीने से जेल में बंद अनंत सिंह के लिए बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
गुरुवार, 19 मार्च 2026 को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अनंत सिंह को पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुए इस हत्याकांड में आरोपी बनाया गया था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर बेऊर जेल में रखा गया था।
दुलारचंद यादव हत्याकांड ने उस समय बिहार की सियासत में काफी हलचल मचा दी थी। चुनावी माहौल के बीच हुई इस घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। विपक्षी दलों ने इसे कानून-व्यवस्था का मुद्दा बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए थे, जबकि जेडीयू ने इसे साजिश करार दिया था।
अनंत सिंह, जिन्हें बिहार की राजनीति में “बाहुबली” नेता के तौर पर भी जाना जाता है, लंबे समय से अपने दबंग अंदाज और विवादों के कारण चर्चा में रहे हैं। हालांकि, उनके समर्थकों का कहना है कि वे अपने क्षेत्र में लोकप्रिय नेता हैं और जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ है।
हाईकोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। मोकामा और आसपास के इलाकों में उनके समर्थकों ने फैसले का स्वागत किया और इसे न्याय की जीत बताया।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि मामला खत्म हो गया है। हत्याकांड से जुड़ी सुनवाई आगे भी जारी रहेगी और कोर्ट में साक्ष्यों के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
फिलहाल, अनंत सिंह को मिली इस राहत ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस फैसले का राज्य की सियासी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।







