स्टेट डेस्क - वेरॉनिका राय
महागठबंधन के चार विधायकों ने नहीं डाला वोट, ओडिशा में भी बीजेपी का दबदबा
पटना: बिहार में राज्यसभा चुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं और सभी पांच सीटों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने शानदार जीत दर्ज की है। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक हुई मतदान प्रक्रिया के बाद मतगणना पूरी हुई और परिणामों की घोषणा कर दी गई। इन चुनावों में एनडीए ने अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करते हुए सभी सीटों पर कब्जा जमा लिया।
इस चुनाव में मुख्यमंत्री Nitish Kumar (जेडीयू), केंद्रीय राज्य मंत्री Ramnath Thakur (जेडीयू), बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Nabin और Shivesh Kumar (बीजेपी) ने जीत हासिल की। इन नेताओं की जीत को एनडीए के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
पांचवीं सीट के लिए एनडीए समर्थित उम्मीदवार Upendra Kushwaha (आरएलएम) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के **Amrendra Dhari Singh** के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा था। लेकिन मतदान के दौरान महागठबंधन के कुछ विधायकों की अनुपस्थिति ने पूरे समीकरण को बदल दिया।
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। इन चार विधायकों के वोट नहीं डालने से महागठबंधन की रणनीति पूरी तरह से विफल हो गई। इसका सीधा फायदा एनडीए को मिला और पांचों सीटों पर उसकी जीत सुनिश्चित हो गई। इस परिणाम को महागठबंधन के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि महागठबंधन के सभी विधायक मतदान करते, तो पांचवीं सीट पर मुकाबला काफी रोमांचक हो सकता था। लेकिन वोटिंग में हुई इस कमी ने एनडीए की जीत का रास्ता आसान बना दिया।
वहीं, Odisha में भी चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव संपन्न हुआ। यहां कुल चार सीटों में से तीन पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की, जबकि एक सीट Biju Janata Dal (बीजद) के खाते में गई। इस तरह ओडिशा में भी बीजेपी ने अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया है।
कुल मिलाकर, बिहार और ओडिशा में आए इन परिणामों ने एनडीए और बीजेपी के राजनीतिक प्रभाव को मजबूत किया है। वहीं महागठबंधन के लिए यह नतीजे भविष्य की रणनीति पर पुनर्विचार करने का संकेत दे रहे हैं। आगामी चुनावों को देखते हुए इन परिणामों का राजनीतिक असर आगे भी देखने को मिल सकता है।







