स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार।
बिहार के भागलपुर, समस्तीपुर, सीवान, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर स्थित सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी ई-मेल के माध्यम से भेजी गई है। इसी बीच पटना सिविल कोर्ट में पिस्टल लेकर प्रवेश कर रहे दो युवकों को चेकिंग के दौरान रोका गया, जिनमें से एक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जबकि दूसरा मौके से फरार हो गया।
ASI प्रमोद कुमार ने बताया कि पकड़े गए युवक से पूछताछ जारी है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
धमकी भरे ई-मेल में ब्लास्ट करने का तरीका और इसके पीछे का कारण भी बताया गया है। भागलपुर सिविल कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार सिंह को यह ई-मेल भेजा गया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। कोर्ट परिसर के भीतर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
धमकी भरा लेटर:
आदरणीय जज साहब,
तमिलनाडु में कांस्टेबलों को एक्ट्रेस नयनतारा और डीएमके की अन्य मालकिनों के कपड़े व गंदे बर्तन साफ करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इससे कई लोगों को अपमान और डायरिया जैसी बीमारियां हुई हैं। इसी कारण पूर्व पुलिस कांस्टेबलों ने पाकिस्तानी आईएसआई के सदस्यों के साथ मिलकर आज आपकी कोर्ट ब्रांच को निशाना बनाया है। तमिलनाडु की समस्याओं को आप तक पहुंचाने के लिए माफी, लेकिन वहां की मीडिया डीएमके की गुलाम है।
कैसे होगा ब्लास्ट
अमोनियम नाइट्रेट और नर्व गैस (वही गैस जो भोपाल गैस त्रासदी में इस्तेमाल हुई थी) से बने तीन सी-4 बम पहले ही कोर्ट परिसर और जज के चेंबर में तय स्थानों पर रखे जा चुके हैं। लंच के समय एक या दो सदस्य कोर्ट के पास आएंगे और जैसे ही डीएमके-पाकिस्तानी आईएसआई से जुड़े सदस्य, जिनके पास रिमोट ट्रिगर होगा, आपके ऑफिस से 100 फीट की दूरी में आएंगे, बम स्वतः विस्फोट कर जाएंगे। यदि किसी कारणवश बम एक्टिवेट नहीं होते हैं, तो सदस्य दिल्ली सुसाइड ऑपरेशन की तरह खुद को कोर्ट के पास विस्फोट से उड़ा देंगे।
अगर आकाश भास्करन पकड़ा गया, तो नयनतारा उदयनिधि भी पकड़ी जाएगी। इसलिए कृपया इससे पहले जजों को वहां से बाहर निकाल लें।
पाकिस्तान-करुणानिधि की साजिश जिंदाबाद
नाम – कनिमोझी
हाईकोर्ट को दी गई जानकारी
ई-मेल मिलते ही इसकी सूचना तुरंत पटना हाईकोर्ट को दी गई। साथ ही जिले के वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया गया। न्यायाधीश ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।
सीवान में जिला जज को मिला धमकी भरा ई-मेल
सीवान सिविल कोर्ट के जज को भी धमकी का मेल मिला, जिसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक को दी। पुलिस टीम ने एहतियातन कोर्ट कैंपस खाली कराना शुरू कर दिया। वकील कमलेश ने बताया कि प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से परिसर खाली कराने का निर्देश दिया है।
इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया। माइकिंग के जरिए वकीलों को अपनी-अपनी जगहों की जांच करने को कहा गया। कोर्ट परिसर में आने-जाने वाले सभी लोगों की सघन तलाशी ली गई।
बेगूसराय में भी कोर्ट परिसर कराया गया खाली
बेगूसराय सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरा कैंपस खाली करवा दिया गया। वकील गोपाल कुमार ने बताया कि वे सुबह साढ़े 10 बजे कोर्ट पहुंचे थे, तभी जानकारी दी गई कि ई-मेल के जरिए धमकी मिली है कि दोपहर 1:45 बजे कोर्ट में बम विस्फोट किया जाएगा। बताया गया कि बम कोर्ट परिसर में रखा गया है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। ई-मेल तमिलनाडु से भेजा गया था।
समस्तीपुर कोर्ट के सभी कमरों की तलाशी
समस्तीपुर सिविल कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। एसपी संजय पांडे के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते के साथ कोर्ट के हर कमरे की गहन तलाशी ली गई।
बताया गया कि पुलिस मुख्यालय को सूचना मिली थी कि समस्तीपुर कोर्ट परिसर में बम मौजूद है। इसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में पुलिस बल को कोर्ट भेजा गया। अनाउंसमेंट कर वकीलों और कर्मचारियों को भवन खाली करने का निर्देश दिया गया। सभी लोगों को बाहर निकालकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
8 जनवरी को भी मिल चुकी है धमकी
इससे पहले 8 जनवरी को पटना सिविल कोर्ट, पटना सिटी कोर्ट, किशनगंज सिविल कोर्ट, गया सिविल कोर्ट और मधुबनी सिविल कोर्ट को आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी ई-मेल के जरिए दी गई थी।







