स्टेट डेस्क, श्रेया पाण्डेय
बिहार में नए युग की शुरुआत: सम्राट चौधरी होंगे अगले मुख्यमंत्री, नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा
पटना: बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नीतीश कुमार ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके साथ ही उनके लगभग दो दशक पुराने शासन का अंत हो गया है। उनके इस्तीफे के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है और वे बिहार के अगले मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हैं।
नीतीश कुमार ने आज दोपहर करीब 3:15 बजे पटना के लोक भवन में राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंपा। इस्तीफा देने से पहले उन्होंने अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें उन्होंने अपने सहयोगियों को धन्यवाद दिया और राज्य के विकास के लिए निरंतर काम करने का आग्रह किया। नीतीश कुमार अब राज्यसभा के सदस्य के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत करने के लिए दिल्ली रवाना होंगे।
भाजपा मुख्यालय में हुई बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगाई गई। सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना बिहार भाजपा के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि यह पहली बार होगा जब राज्य में भाजपा का अपना मुख्यमंत्री होगा। चौधरी, जो वर्तमान में उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे, कुशवाहा समुदाय से आते हैं और राज्य के 'लव-कुश' समीकरण में गहरी पैठ रखते हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सम्राट चौधरी का चयन भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति है ताकि राज्य के गैर-यादव ओबीसी वोटों को एकजुट रखा जा सके। नीतीश कुमार ने इस्तीफे के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि नई सरकार उनके मार्गदर्शन में काम करती रहेगी और वे बिहार के विकास के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे।
शपथ ग्रहण समारोह कल, 15 अप्रैल 2026 को सुबह 11:00 बजे राजभवन में आयोजित होने की संभावना है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनने वाली इस नई सरकार के साथ बिहार में एक नए राजनीतिक अध्याय का आगाज हो रहा है।







