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बिहार चुनाव में सीट बंटवारे पर संकट, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एयरपोर्ट पर हंगामा

स्टेट डेस्क, प्रीति पायल |

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन के सीट बंटवारे की अनिश्चितता ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीव्र असंतोष पैदा कर दिया है। पहले चरण के नामांकन की समय सीमा 17 अक्टूबर 2025 तक सीमित होने के बावजूद, 15 अक्टूबर तक कांग्रेस द्वारा न तो सीटों की अंतिम संख्या तय की गई और न ही प्रत्याशियों के नामों की घोषणा हुई। इस विलंब के कारण पटना हवाई अड्डे पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ, जहां टिकट इच्छुक उम्मीदवारों के समर्थकों ने बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और विधानसभा दल के नेता शकील अहमद खान के विरुद्ध तीखे नारे लगाए।

15 अक्टूबर 2025 की संध्या के समय पटना हवाई अड्डे पर यह घटना घटित हुई। दिल्ली से वापसी पर कांग्रेस के तीन मुख्य नेता—कृष्णा अल्लावरु (एआईसीसी प्रभारी), राजेश राम (प्रदेश अध्यक्ष) और शकील अहमद खान (विधानसभा दल नेता)—को हवाई अड्डे पर ही समर्थकों के गुस्से का सामना करना पड़ा।

 बिक्रम विधानसभा क्षेत्र से टिकट की मांग कर रहे पूर्व विधायक अशोक गगन के समर्थकों द्वारा यह विरोध किया गया। अशोक गगन ने 2020 के चुनाव में बिक्रम सीट से विजय प्राप्त की थी, परंतु इस बार टिकट न मिलने की संभावना से उनके समर्थक नाराज हो गए। दिन के समय उन्होंने पार्टी कार्यालय सदाकत आश्रम में काली पट्टी बांधकर धरना भी दिया था।

समर्थकों ने नेताओं के खिलाफ "टिकट दो, वरना..." जैसे तीखे नारे लगाए और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया

विरोध के दौरान छात्र नेता मनीष कुमार के साथ झड़प हुई। नाराज समर्थकों ने मनीष कुमार पर आक्रमण किया, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई

हवाई अड्डे पर सुरक्षा व्यवस्था के होते हुए भी प्रदर्शनकारी नेताओं के वाहनों तक पहुंच गए। वीडियो में स्पष्ट रूप से समर्थकों का घेराव दिखाई दे रहा है

 कृष्णा अल्लावरु और अन्य नेताओं ने कार्यकर्ताओं को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन गुस्सा नियंत्रण में नहीं आया। अल्लावरु ने बाद में कहा, "सीट बंटवारे पर चर्चा अंतिम दौर में है, शीघ्र ही घोषणा होगी। हम गठबंधन को मजबूत बनाए रखेंगे।"

चुनाव कार्यक्रम का संदर्भ: भारतीय चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव की तिथियां घोषित कीं। प्रदेश की 243 सीटों पर दो चरणों में मतदान होगा—प्रथम चरण 6 नवंबर को (43 सीटें) और द्वितीय चरण 11 नवंबर को (200 सीटें)। मत गणना 14 नवंबर को। प्रथम चरण के नामांकन 10 अक्टूबर से आरंभ हो चुके हैं, परंतु अंतिम तारीख 17 अक्टूबर है। 

महागठबंधन में कुल 144 सीटें राजद के हिस्से में, 70 कांग्रेस के हिस्से में और शेष वामपंथी पार्टियों के हिस्से में थीं (2020 के समझौते के अनुसार)

2025 में राजद ने प्रथम चरण की कुछ सीटों पर बिना सहमति के उम्मीदवार घोषित कर दिए, जिनमें तेजस्वी यादव भी शामिल हैं

कांग्रेस ने 12 अक्टूबर को चेतावनी दी कि यदि 13 अक्टूबर तक सहमति नहीं बनी तो वह 60 सीटों पर स्वतंत्र रूप से उम्मीदवार उतारेगी

14 अक्टूबर को दिल्ली में कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई, जहां राहुल गांधी वर्चुअल रूप से शामिल हुए। 50 से अधिक उम्मीदवारों पर विचार हुआ, लेकिन अंतिम सूची जारी नहीं हुई

यह पहली घटना नहीं है। हाल ही में राजद कार्यालय पर भी टिकट वितरण को लेकर हंगामा हुआ था। सोशल मीडिया पर भी कार्यकर्ता देरी की आलोचना कर रहे हैं।

 विपक्षी एनडीए (बीजेपी-जदयू) ने अपनी सूची जारी कर दी है। देरी के कारण महागठबंधन कमजोर दिखाई दे रहा है।

तारिक अनवर (कांग्रेस सांसद) ने कहा कि रात तक सूची आ जाएगी। यदि देरी बढ़ती है तो कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ सकती है, जो गठबंधन के लिए बड़ा झटका होगा।