Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

बिहार: पत्रकारों की पेंशन में इजाफा, मिलेगी ₹15,000 मासिक पेंशन

स्टेट डेस्क , श्रेयांश पराशर |

बिहार सरकार ने राज्य के पत्रकारों के लिए एक बड़ी राहत और सम्मानजनक घोषणा की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने "बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना" के तहत पेंशन राशि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹15,000 करने का ऐलान किया है। साथ ही, मृत पत्रकारों के आश्रितों को भी बढ़ी हुई पेंशन दी जाएगी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों के हित में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। अब "बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना" के तहत पात्र पत्रकारों को ₹6,000 की जगह ₹15,000 प्रति माह पेंशन दी जाएगी। यह निर्णय राज्य में कार्यरत और सेवा-निवृत्त पत्रकारों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस निर्णय को तुरंत लागू करने का निर्देश दिया है।

इसके अतिरिक्त, यदि किसी पेंशन प्राप्त पत्रकार की मृत्यु हो जाती है, तो उसके आश्रित पति या पत्नी को जीवनपर्यंत ₹3,000 की जगह अब ₹10,000 प्रति माह पेंशन दी जाएगी। यह निर्णय उन परिवारों को आर्थिक सहायता और सम्मान प्रदान करेगा जो अपने सदस्य की सेवा के बाद असुरक्षा की स्थिति में होते हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और सामाजिक विकास में उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार शुरू से ही पत्रकारों की सुविधाओं और सम्मानजनक जीवन के लिए संकल्पित रही है।

इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पत्रकार निडर होकर अपनी भूमिका निभा सकें और सेवा-निवृत्ति के बाद सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें। यह निर्णय न सिर्फ आर्थिक दृष्टिकोण से सहायक होगा, बल्कि पत्रकारिता के प्रति एक सकारात्मक संदेश भी देगा।