Ad Image
Ad Image
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हेट स्पीच मामले की आज सुनवाई की || लोकसभा से निलंबित सांसदों पर आसन पर कागज फेंकने का आरोप || लोकसभा से कांग्रेस के 7 और माकपा का 1 सांसद निलंबित || पटना: NEET की छात्रा के रेप और हत्या को लेकर सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी || स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, केशव मौर्य को होना चाहिए यूपी का CM || मतदाता दिवस विशेष: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'मतदान राष्ट्रसेवा' || नितिन नबीन बनें भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मण ने की घोषणा || दिल्ली को मिली फिर साफ हवा, AQI 220 पर पहुंचा || PM मोदी ने भारतरत्न अटल जी और मालवीय जी की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया || युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती आज

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

बिहार में 28 लाख मतदाताओं को EPIC भेजने का काम शुरू, 14 लाख नए वोटर जुड़ेंगे

स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी |

बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज़ हैं। चुनाव आयोग ने 28 लाख नए और संशोधित मतदाताओं को ईपिक भेजने का काम शुरू कर दिया है। लक्ष्य है कि अक्टूबर के अंत तक सभी को ईपिक मिल जाए। अगर ईपिक नहीं मिलता है, तो 12 अन्य प्रमाण पत्र दिखाकर मतदान किया जा सकता है। इस बार मतदाता सूची में 21.53 लाख नए नाम शामिल हैं, जिनमें 14 लाख युवा पहली बार वोट डालेंगे।

जैसे ही नामांकन का दौर शुरू हुआ, आयोग ने तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने जिला अधिकारियों को इसके लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। आयोग का लक्ष्य है कि अक्टूबर के अंत तक सभी योग्य मतदाताओं को ईपिक मिले, ताकि किसी को मतदान से वंचित न होना पड़े।

14 लाख युवा पहली बार वोट डालेंगे

सीईओ कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, मतदाता सूची में लगभग 21.53 लाख नए नाम शामिल हैं, जिनमें 18–19 वर्ष उम्र के 14 लाख युवा हैं। इसके अलावा सात लाख से अधिक मतदाताओं ने विभिन्न कारणों से ईपिक में संशोधन करवाया है। इस बार मतदाता सूची में नाम जोड़ने वालों की संख्या पिछली बार से अधिक है। युवा मतदाताओं में राजनीतिक चेतना बढ़ने से पंजीकरण में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। आयोग इन सभी मतदाताओं को डिजिटल और भौतिक रूप में ईपिक उपलब्ध कराने में जुटा है।

विश्लेषकों के अनुसार, युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं पर सभी राजनीतिक दलों की नजर है। भाजपा, जदयू, राजद, कांग्रेस और जन सुराज जैसी पार्टियां इस नए मतदाता वर्ग को आकर्षित करने के लिए इंटरनेट और जमीनी अभियान दोनों पर जोर दे रही हैं। चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए इस बार ईपिक वितरण में QR कोड और डिजिटल सत्यापन प्रणाली जोड़ी गई है। अधिकारियों का दावा है कि 15 दिन के अंदर सभी मतदाताओं को ईपिक उपलब्ध कराया जाएगा।