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बिहार में कांग्रेस के सभी जिलाध्यक्ष बदले जाएंगे; संगठन सृजन अभियान में प्रदेश स्तर पर नया प्रयोग

स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।

पटना। विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस ने बिहार में संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी के ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत राज्य के सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों को बदला जाएगा। इस प्रक्रिया को केवल जिलों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि आगे चलकर प्रखंड और प्रदेश स्तर पर भी इसी मॉडल को लागू किया जाएगा।

कांग्रेस नेतृत्व ने इस बदलाव को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की ओर से 29 केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। ये पर्यवेक्षक जिलों में जाकर स्थानीय नेताओं, कार्यकर्ताओं और संगठनात्मक जरूरतों के आधार पर नए जिलाध्यक्षों का चयन करेंगे। पार्टी का मानना है कि इससे जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत होगा और नेतृत्व में नई ऊर्जा आएगी।

लंबे समय से बिहार कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति प्रदेश अध्यक्ष के विवेक पर होती रही है, लेकिन इस बार केंद्रीय स्तर से निगरानी रखकर चयन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह प्रयोग भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।

इसी क्रम में प्रदेश कांग्रेस ने अपने मीडिया प्रबंधन को भी नया रूप दिया है। एक नया मीडिया पैनल और कम्युनिकेशन स्ट्रेटजी ग्रुप गठित किया गया है, जिसमें वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य संगठन की बात को एकजुट और प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाना है।

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि संगठनात्मक ढांचे में यह व्यापक बदलाव बिहार में पार्टी को फिर से मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।