स्टेट डेस्क, मुस्कान सिंह ।
पटना : बिहार में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विस्तार की योजना बनाई है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में 11 मेगा पार्क तथा सभी 38 जिलों में फूड पार्क विकसित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय उद्योगों को मजबूती मिलेगी।
उद्योग विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सम्राट चौधरी ने कहा कि औद्योगिक विकास बिहार की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य को निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक और उद्योग-अनुकूल बनाया जाए। साथ ही उद्यमियों और निवेशकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि निवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि उद्योगों से जुड़ी सभी स्वीकृतियां और आवश्यक सुविधाएं पारदर्शी तथा सरल प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएं। इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और राज्य में नए उद्योग स्थापित करने का माहौल मजबूत होगा। सरकार की योजना के अनुसार प्रस्तावित मेगा पार्क विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जबकि जिला स्तर पर बनने वाले फूड पार्क कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देंगे। इससे किसानों को अपनी उपज के बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होंगे।
यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो बिहार में औद्योगिक निवेश बढ़ने के साथ रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी नई गति मिल सकती है। राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार को देश के उभरते औद्योगिक केंद्रों में शामिल करना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि औद्योगिक विकास के माध्यम से बिहार को समृद्धि की नई राह पर आगे बढ़ाया जा सके।







