स्टेट डेस्क , रानी कुमारी |
बिहार में महिलाओं की सुरक्षित और आरामदायक यात्रा को ध्यान में रखते हुए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) ने 50 नई इलेक्ट्रिक पिंक बसें शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। इन बसों के संचालन से राज्य में महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि ये सभी बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक और प्रदूषण मुक्त होंगी।
वर्तमान में बिहार में 100 पिंक बसें संचालित हो रही हैं। नई 50 इलेक्ट्रिक पिंक बसों के शामिल होने के बाद इनकी कुल संख्या बढ़कर 150 हो जाएगी। परिवहन विभाग का मानना है कि बढ़ती महिला यात्रियों की संख्या को देखते हुए यह पहल समय की मांग है। इससे छात्राओं, नौकरीपेशा महिलाओं और अन्य महिला यात्रियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।
परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने हाल ही में सूचना भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान इस योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। नई इलेक्ट्रिक पिंक बसें इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं, जो महिलाओं को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेंगी।
निगम के अधिकारियों के अनुसार, ये 50 बसें प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के पहले चरण में बिहार को मिलने वाली 200 इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े का हिस्सा होंगी। इन बसों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, पैनिक बटन, महिला हेल्पलाइन सुविधा, आरामदायक सीटें और वातानुकूलित व्यवस्था शामिल होगी।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से डीजल पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे राज्य के शहरों में वायु प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी और स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का उद्देश्य महिला सुरक्षा के साथ-साथ हरित परिवहन प्रणाली को मजबूत करना भी है।
इन बसों का संचालन प्रमुख शहरों और व्यस्त रूटों पर किया जाएगा, जहां महिला यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। विभाग के अनुसार, बसों के रूट और संचालन समय को लेकर जल्द ही विस्तृत योजना जारी की जाएगी ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।







