बिहार में लगेंगे दो न्यूक्लियर पावर प्लांट, 25 हजार करोड़ का निवेश; 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन की तैयारी
स्टेट डेस्क , रानी कुमारी
बिहार के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बड़ी पहल के तहत राज्य में दो न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित किए जाने की योजना बनाई गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कुल 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। दोनों प्लांट की क्षमता 700-700 मेगावाट होगी, जिससे कुल 1400 मेगावाट बिजली का उत्पादन संभव हो सकेगा। इससे राज्य में बिजली आपूर्ति की स्थिति में बड़ा सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
यह परियोजना सरकारी कंपनी NTPC Limited द्वारा विकसित की जाएगी। प्लांट के लिए बिहार के बांका जिले का चयन किया गया है, जो राजधानी पटना से लगभग 250 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
फिलहाल परियोजना के लिए प्रारंभिक अध्ययन यानी फिजिबिलिटी स्टडी की जा रही है। इस अध्ययन के तहत यह आकलन किया जा रहा है कि चयनित स्थान न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए कितना उपयुक्त और सुरक्षित है। फिजिबिलिटी स्टडी पूरी होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, दोनों पावर प्लांट के निर्माण के लिए करीब 1000 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। बिहार सरकार ने इस परियोजना को पूरा समर्थन देने का भरोसा जताया है और पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात भी कही है, जो न्यूक्लियर प्लांट संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक होती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी न्यूक्लियर पावर प्लांट को पूरी तरह चालू होने में आमतौर पर कम से कम तीन साल का समय लगता है। हालांकि, तकनीकी और सुरक्षा प्रक्रियाओं के कारण यह अवधि बढ़ भी सकती है।
एनटीपीसी देशभर में न्यूक्लियर एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य विभिन्न राज्यों में करीब 30 गीगावाट न्यूक्लियर क्षमता विकसित करना है। वहीं, केंद्र सरकार ने वर्ष 2047 तक देश में 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर क्षमता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।







